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शहडोल में 15 दिन से ज्यादा ठहरे तो थाने को देनी होगी जानकारी: कलेक्टर का आदेश, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

Thu, 03 Sep 2026 05:15 PM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शहडोल ब्यूरो Updated Thu, 03 Sep 2026 05:15 PM IST
सार

शहडोल में 15 दिन से अधिक ठहरने वाले लोगों की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य होगा। किरायेदार, कर्मचारी, छात्र, मजदूर, सुरक्षा गार्ड और होटल-लॉज में ठहरने वालों का सत्यापन होगा। नियम तोड़ने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कार्रवाई होगी।

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In Shahdol, information regarding everyone from tenants to hotel guests will now have to be provided.
पार्थ जायसवाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहडोल जिले में 15 दिन से अधिक समय तक रहने वाले किसी भी व्यक्ति की जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही किरायेदारों, पेइंग गेस्ट, घरेलू कामगारों, निजी छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं, होटल-लॉज में ठहरने वाले लोगों, निर्माण श्रमिकों और निजी सुरक्षा गार्डों की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध करानी होगी।

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कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जायसवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत मकान मालिकों, प्रतिष्ठान संचालकों, ठेकेदारों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों को संबंधित लोगों की पहचान, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर सहित निर्धारित प्रारूप में जानकारी थाने में उपलब्ध करानी होगी।
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किराए पर मकान देने से पहले देनी होगी सूचना
प्रशासन के आदेश के अनुसार मकान या दुकान मालिक को किरायेदार अथवा पेइंग गेस्ट की जानकारी संबंधित थाने में देनी होगी। पुलिस को सूचना दिए बिना मकान या दुकान किराए पर नहीं दी जा सकेगी। किरायेदार का पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना भी अनिवार्य किया गया है। इसी तरह घरेलू कामगारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को रखने से पहले उनकी जानकारी थाने में देनी होगी। निजी छात्रावास संचालकों को वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं का विवरण भी पुलिस को उपलब्ध कराना होगा।
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होटल-लॉज में रोज देनी होगी ठहरने वालों की जानकारी
होटल, लॉज, धर्मशाला, रैन बसेरा और धार्मिक स्थलों में ठहरने वाले लोगों से पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना अनिवार्य होगा। इन स्थानों पर ठहरने वाले व्यक्तियों की सूची पहचान पत्र के साथ प्रतिदिन संबंधित थाने में जमा करनी होगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में 15 दिन से अधिक समय तक निवास करने वाले किसी भी व्यक्ति की जानकारी तत्काल संबंधित थाने को देना आवश्यक होगा।

स्पा, मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर भी दायरे में
नए आदेश में स्पा सेंटर, मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर में काम करने वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। संचालकों को कर्मचारियों की जानकारी, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर थाने में देना होगा। निजी सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड और विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा अपने स्तर पर रखे गए सुरक्षा गार्डों की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध करानी होगी।

डिलीवरी बॉय और निर्माण श्रमिकों की भी देनी होगी जानकारी
ऑनलाइन शॉपिंग और कोरियर कंपनियों के घर-घर पार्सल पहुंचाने वाले कर्मचारियों की जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में थाने में देनी होगी। वहीं, भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों एवं कारीगरों को काम पर रखने से पहले ठेकेदार को उनकी जानकारी पुलिस को उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा पुलिस के अतिथि पोर्टल पर ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया है।


विदेशी नागरिकों की सूचना तत्काल देनी होगी
होटल, लॉज, धर्मशाला अथवा किराए के मकान में ठहरने वाले लोगों की जानकारी का सत्यापन आईसीजेएस सॉफ्टवेयर और मोबाइल फेस रिकग्निशन ऐप के माध्यम से किया जाएगा। किसी विदेशी नागरिक के ठहरने की स्थिति में उसकी जानकारी तत्काल एफआरआरओ शाखा, शहडोल को देना अनिवार्य होगा। कलेक्टर ने सभी मकान मालिकों, होटल-लॉज संचालकों, प्रतिष्ठान संचालकों, ठेकेदारों, धर्मशाला एवं रैन बसेरा संचालकों, धार्मिक स्थलों, स्पा सेंटर, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित लोगों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश या उसके किसी भी हिस्से का उल्लंघन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा। आदेश समयाभाव के कारण एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। किसी व्यक्ति या संस्था को छूट अथवा शिथिलता की आवश्यकता होने पर वह कलेक्टर के समक्ष विधिवत आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

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