Sehore news: सरपंच-सचिव ने कागज में बना दिया खेल मैदान, डकार गए निकाली गई राशि, ग्राम पंचायत नागली का मामला
सीहोर के इछावर क्षेत्र के ग्राम प्रतापपुरा में खेल मैदान बनाने के लिए मनरेगा योजना के तहत 2 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन मैदान का निर्माण कागजों तक ही सीमित रहा। यहां कचरा, झाड़ियां और गंदगी फैली है, जिससे बच्चों को खेलने का कोई अवसर नहीं मिल रहा है।
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सीहोर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और उन्हें अवसर प्रदान करने के लिए ग्रामीण खेल मैदान योजना लागू की गई है। हालांकि, इस योजना का लाभ वास्तविकता में कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रह गया है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान तो बन गए हैं, लेकिन वे अधूरे हैं, वहीं कुछ जगहों पर तो खेल मैदान कागजों तक ही सीमित रह गए हैं और भ्रष्टाचार का शिकार हो गए हैं। ऐसा ही एक मामला इछावर क्षेत्र के ग्राम पंचायत नागली के ग्राम प्रतापपुरा में सामने आया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाएं तो हैं, लेकिन उन्हें जरूरी संसाधनों का अभाव है। कमजोर आर्थिक स्थिति और संसाधनों की कमी के कारण इन प्रतिभाओं का सही विकास नहीं हो पाता। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत प्रतापपुरा में खेल मैदान बनाने के लिए 2018-19 में मनरेगा योजना के तहत 2 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। राशि का वितरण पूर्व सरपंच और सचिव ने किया, लेकिन कागजों में ही खेल मैदान का निर्माण हो गया, जबकि धरातल पर कुछ भी नहीं दिखाई दिया।
ग्राम प्रतापपुरा में खेल मैदान की जमीन पर कहीं भी समतल भूमि नहीं है। ग्रामीणों और खिलाड़ियों के अनुसार, यहां कटीली झाड़ियां, कचरा और गंदगी फैली हुई है। कुछ स्थानों पर मुरम और पत्थर पड़े हैं, जबकि कहीं गड्ढे भी हैं। खेल मैदान की स्थिति इतनी खराब है कि यहां खेलने के लिए तो क्या, टहलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में बच्चों और युवाओं को खेलने और अपनी प्रतिभा को निखारने का कोई अवसर नहीं मिल पा रहा है।
इस मामले में ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच मनोज कुमार का कहना है कि यह राशि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में निकाली गई थी, और उन्हें इस राशि के उपयोग के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीईओ जनपद पंचायत इछावर, शिवानी मिश्रा ने बताया कि वे इस मामले की जांच करवाएंगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीहोर। खेल मैदान की जगह पर नजर आ रही कटीली झाडिय़ां।
