फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore news: Sanatan Dharma shows us the way to live a moral and spiritual life: Pandit Pradeep Mishra

Sehore News: कुबेरश्वरधाम में शिव महापुराण कथा, पंडित मिश्रा बोले- सनातन धर्म सिखाता है आध्यात्मिक जीवन

Tue, 08 Jul 2025 08:29 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Tue, 08 Jul 2025 08:29 PM IST
सार

शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म ही सच्चा धर्म है, जो व्यक्ति और समाज को नैतिक और आध्यात्मिक जीवन जीने का मार्ग दिखाता है। 

विज्ञापन
Sehore news: Sanatan Dharma shows us the way to live a moral and spiritual life: Pandit Pradeep Mishra
कुबेरेश्वरधाम पर पंडित प्रदीप मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सनातन धर्म हमें एक नैतिक और आध्यात्मिक जीवन जीने का मार्ग दिखाता है, जो न केवल व्यक्तिगत कल्याण के लिए, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए भी आवश्यक है। सनातन धर्म से लगाव होना चाहिए। पूरे विश्व में धर्म है तो केवल सनातन धर्म है। बाकी सब मजहब है। माना विज्ञान ने काफी तरक्की की है, लेकिन आज भी सबसे बड़ा है तो केवल हमारा महादेव, जो ज्योति के रूप में सबके कार्य पूर्ण करता है, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करता है। उक्त बातें जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पर जारी छह दिवसीय भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत पांच दिवसीय श्री शिव महापुराण के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा कहती है कि लगाव और विश्वास हमारे जीवन को सार्थक करता है। आपका लगाव किससे है और आपका विश्वास किस पर है, यह आप सुनिश्चित करते हैं। अगर आपका विश्वास भगवान शिव पर अटूट है तो आपकी संपूर्ण मनोकामनाएं पूर्ण होगी।
विज्ञापन


जीवन का उद्देश्य आत्मा और परमात्मा को समझना
हमें हमारे धर्म से लगाव होना चाहिए। सनातन धर्म के अनुसार जीवन का उद्देश्य आत्मा और परमात्मा को समझना है। यह धर्म, परिवार और समाज के सभी चार पहलुओं को व्यक्ति के आध्यात्मिक पथ के महत्वपूर्ण भागों के रूप में मान्यता देता है। वर्तमान में विज्ञान ने बहुत ही तरक्की की है, लेकिन मुत्यु पर किसी की जीत नहीं एक डॉक्टर भी अंत में कह देता है मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है, सब ईश्वर के हाथ में है। मंगलवार को कथा के दौरान यहां पर करीब 18 किलोमीटर दंडवत कर आने वाले श्रद्धालुओं का मंच पर बुलाकर गुरुदेव ने सम्मान किया। राजस्थान के कोटा, मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र से आए परिवार को मंच पर स्वागत किया गया।
विज्ञापन


कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- नियमों को ताक में रखकर संचालित अस्पतालों पर हाईकोर्ट सख्त, स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

चिट्ठी लिखकर भी लाते और बताते भगवान की कृपा
यहां पर आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का कहना है कि हमारे संकट शिव पर विश्वास के साथ कथा सुनने के बाद दूर हो गए। वे यहां पर चिट्ठी लिखकर भी लाते हैं। वह कहते हैं कि जो काम दवाई नहीं कर पाई वो पंडित जी की कथा सुनकर भगवान भोले को एक लोटा जल अर्पित करने से पूरी हो गई। पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथा में ऐसे कई श्रद्धालुओं की चिट्ठियों का जिक्र किया। मंगलवार को कथा के दौरान सीहोर के इंदौर नाके क्षेत्र में रहने वाली एक बेटी का पत्र पढ़कर सुनाया, जिसमें लिखा था-बाबा पर विश्वास के कारण उनको संतान की प्राप्ति हुई है। वह धाम पर आई और सेवा के साथ पूजा अर्चना की और उसके बाद भगवान शंकर ने संतान का सुख प्रदान किया। इस तरह के अनेक पत्रों का वर्णन गुरुदेव ने अपनी कथा के दौरान किया।

ये भी पढ़ें- सीएम मोहन यादव और भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल पहुंचे दिल्ली, राजनाथ के अलावा शाह-नड्डा से होगी मुलाकात

एक गुरु का कर्तव्य है कि वह ज्ञान को सभी तक पहुंचाए, बिना किसी भेदभाव के
एक गुरु का कर्तव्य है कि वह ज्ञान को सभी तक पहुंचाए, बिना किसी भेदभाव के। वहीं सर्वश्रेष्ठ गुरु का लक्षण है। गुरु कभी भी अमीर और गरीब में भेदभाव नहीं करता है और सभी को अपनी ज्ञान की रोशनी से रोशन करता है। जन्म, मरण एवं परण सभी भगवान के हाथ में है। मनुष्य की देह बहुत मुश्किल से मिलती है। आज जो जीवन हमें मिला है उसे व्यर्थ ना गवाएं। छोटे-छोटे बच्चों को संस्कारित कर राष्ट्रहित की सोच के साथ अपने सनातनी धर्म की ओर अग्रसर करें। इस संसार में गुरु चमत्कार करने वाला नहीं भगवान से मिलाने वाला होना चाहिए। भगवान शिव पर भरोसा और विश्वास रखो। चमत्कार तो कुछ दिनों चलता है, लेकिन भगवान शिव को नमस्कार करने वाला हमेशा मस्त रहता है। हमें भक्त की तरह भक्ति करना चाहिए। हम पर एक अंश मात्र भी भगवान शिव की उदारता, करुणा होती है तो हमारा जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने मनुष्य देह के बारे में विस्तार से वर्णन करते हुए कहाकि नेत्र, वाणी और श्रवण करने की शक्ति हमें ईश्वर के द्वारा प्रदान की गई है। उन्होंने लगाव और विश्वास का वर्णन करते हुए कहाकि आपको परिवार और संसार से लगाव रखते हुए भगवान पर विश्वास करते रहना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed