फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore news: Minor Abducted, Brutalized; Accused Sentenced to Life Imprisonment

Sehore News: नाबालिग से दरिंदगी करने वाले पड़ोसी को उम्रकैद, पैर बांधे-कपड़े नोचे, फिर लूटी थी अस्मत

Wed, 15 Jul 2026 09:29 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Wed, 15 Jul 2026 09:29 PM IST
सार

सीहोर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी तुलसीराम कुशवाहा को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। डीएनए रिपोर्ट, 14 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने अन्य धाराओं में भी कारावास और 4,700 रुपये का अर्थदंड लगाया।

विज्ञापन
Sehore news: Minor Abducted, Brutalized; Accused Sentenced to Life Imprisonment
हैवानियत करने वाले पड़ोसी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

विस्तार

सीहोर जिले में नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। पड़ोस में रहने वाला आरोपी तुलसीराम कुशवाहा मासूम की मासूमियत का हैवानियत भरे इरादों से फायदा उठाने से भी नहीं चूका। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) स्मृता सिंह ठाकुर की अदालत ने अब आरोपी को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक घटना 26 जुलाई 2024 की है। पीड़िता की मां ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि वह जब काम से घर लौटी तो बेटी ने आपबीती सुनाई। दोपहर करीब 4 बजे नाबालिग घर के पास बने शौचालय में गई थी। तभी दरिंदा तुलसीराम कुशवाहा वहां पहुंचा, मासूम का मुंह दबाया और घसीटते हुए उसे अपने घर के भीतर ले गया। दरवाजा बंद कर कुंडी चढ़ा दी।
विज्ञापन


पैर बांधे, कपड़े नोचे, फिर की दरिंदगी
अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार आरोपी ने मासूम के दोनों पैर रस्सी से जकड़ दिए और उसे निर्वस्त्र कर दुष्कर्म को अंजाम दिया। दहशत और दर्द के बीच पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी। उसने आरोपी को जोर से लात मारी और चीख-पुकार मचा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- छतरपुर गोलीकांड: बाबा बागेश्वर के भाई शालिग्राम को पुलिस ने किया गिरफ्तार, किसान पर गोली चलाने का है आरोप

बुआ की मौके पर मौजूदगी ने बचाई जान
पीड़िता की चीख सुनकर उसकी बुआ तुरंत मौके पर पहुंच गईं और बच्ची को दरिंदे के चंगुल से छुड़ाया। बुआ को देखते ही आरोपी तुलसीराम मौके से फरार हो गया।घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया, साक्षियों के बयान दर्ज किए गए और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच के दौरान आरोपी का ब्लड सैंपल लेकर डीएनए जांच कराई गई, जो पीड़िता के नमूने से पूरी तरह मैच हुई। इस वैज्ञानिक साक्ष्य ने आरोपी के अपराध की पुष्टि कर दी।


14 गवाहों की गवाही, फिर सुनाई सख्त सजा
पुलिस ने पूरी विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 127(1), 65(1), 75(1)(IV), पॉक्सो एक्ट की धारा 3(क)/4(2), 7/8 तथा एससी/एसटी एक्ट की कई धाराओं में आरोपपत्र अदालत में पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए। दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्यों की गहन जांच के बाद अदालत ने आरोपी तुलसीराम को दोषी करार दिया।

आजीवन कारावास के साथ ठोका अर्थदंड
विशेष न्यायाधीश की अदालत ने तुलसीराम को पॉक्सो एक्ट की धारा 3(क)/4(2) तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(Va) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अन्य धाराओं में भी 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 4700 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आशीष त्यागी एवं रेखा यादव ने पैरवी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed