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Sehore News: रेसाई बांध डूब पीड़ितों को प्लाट दिए, पर सात साल के बाद भी मिला मुआवजा, भटकने को मजबूर

Wed, 23 Apr 2025 07:56 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Wed, 23 Apr 2025 07:56 PM IST
सार

विधायक सुदेश राय ने कहा कि ग्रामवासियों की परेशानियों से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया है। पंद्रह दिनों के भीतर रावतखेड़ा, चांदबड़, दूरगांव के ग्रामीणों को उनकी मुआवजा राशि बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी।  
 

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Sehore news: Many displaced people of Parvati Reshai Dam did not get compensation even after seven years
विधायक सुदेश राय से मिले सैकड़ों विस्थापित किसान।

विस्तार

पार्वती-रेसाई बांध के सैकड़ों विस्थापित किसान विधायक कार्यालय पहुंचे और विधायक सुदेश राय को अपनी परेशानियों से अवगत कराया। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर बालागुरू से भी मिले। रेसाई बांध डूब पीड़ितों ने कहा कि वे सात साल से डूब में आए घरों की मुआवजा राशि के लिए भटक रहे हैं।

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कई बार कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसील कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। विधायक सुदेश राय के प्रयासों के बाद प्रशासन ने पीड़ित किसानों को प्लॉट तो उपलब्ध करा दिए हैं, लेकिन अब तक कॉलोनी को विकसित नहीं किया गया है। पार्वती-रेसाई बांध विस्थापितों के लिए बनाई गई कॉलोनी में बिजली-पानी, साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस कॉलोनी में रहना बेहद मुश्किल है।
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पार्वती-रेसाई बांध में ग्राम रावतखेड़ा, चांदबड़, दूरगांव सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों की कृषि भूमि और घर डूब में आ रहे हैं। डेम में इस वर्ष बारिश का पानी भी भरा जाएगा। योजना पूरी हो चुकी है, लेकिन पीड़ितों को मुआवजा राशि अब तक नहीं मिली है। प्रभावित गांवों में पार्वती डेम के कारण कोई भी नवीन विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। विस्थापित ग्रामीणों के मकान पूरी तरह टूट चुके हैं। वर्षाकाल में रहने के लिए ग्रामीणों के पास कोई स्थान नहीं है। मामले में ग्राम पंचायत भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।


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विधायक सुदेश राय ने कहा कि ग्रामवासियों की परेशानियों से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया है। आगामी पंद्रह दिनों के भीतर रावतखेड़ा, चांदबड़, दूरगांव के ग्रामीणों को उनकी मुआवजा राशि बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विस्थापितों के लिए बनाई गई कॉलोनी को भी विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

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रेसाई बांध डूब पीड़ित लालू बना सोलंकी, राजेंद्र सिंह सोलंकी, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, कमल सिंह सोलंकी, देवेंद्र सिंह सोलंकी, चतरभान सिंह सोलंकी, कृष्णपाल सिंह सोलंकी, राजपाल सिंह सोलंकी, दिलीप सिंह सोलंकी, गोलू बना सोलंकी, भंवरलाल सोलंकी, लक्ष्मण सिंह सोलंकी, राजू बन्ना सोलंकी, संतोष, मुकेश आदि विस्थापित ग्रामीणों ने मुआवजा राशि देने और कॉलोनी में बिजली-पानी, साफ-सफाई की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

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