{"_id":"68eceea48624f0f5810f958a","slug":"sehore-news-farmers-fury-in-sehore-massive-tractor-rally-demands-crop-insurance-and-relief-funds-sehore-news-c-1-1-noi1381-3514332-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sehore News: राहत राशि से वंचित किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली, दी चेतावनी- मांगें नहीं मानी तो होगा आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sehore News: राहत राशि से वंचित किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली, दी चेतावनी- मांगें नहीं मानी तो होगा आंदोलन
Mon, 13 Oct 2025 08:30 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Oct 2025 08:30 PM IST
सार
सीहोर में सैकड़ों किसानों ने सोयाबीन फसल खराब होने और राहत न मिलने पर कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर रैली निकाली। किसानों ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बीमा व राहत राशि की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन उग्र होगा।
विज्ञापन
सीहोर में किसानों की ट्रैक्टर रैली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सोमवार को सीहोर जिले के सैकड़ों किसानों का सब्र आखिर टूट गया। अमलाहा से शुरू हुई ट्रैक्टरों की लंबी कतार जब कलेक्ट्रेट पहुंची, तो शहर में मानो किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा। नारों और तख्तियों के बीच किसानों ने स्पष्ट कहा-अब सिर्फ वादे नहीं, हक चाहिए। किसानों का कहना था कि पांच साल से उनकी सोयाबीन फसल लगातार खराब हो रही है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
विज्ञापन
अमलाहा से कलेक्ट्रेट तक गूंजा किसानों का जोश
करीब तीस किलोमीटर का सफर तय कर किसान अपने ट्रैक्टरों पर झंडे और मांगपत्र लेकर सीहोर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस विशाल रैली का नेतृत्व किसान सोहन शंकर लाल पटेल, करणी सेना अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुरा और समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने किया। रैली में शामिल किसानों ने कहा कि जब शाजापुर, भोपाल, उज्जैन, देवास, रायसेन जैसे जिलों के किसानों को राहत राशि मिल सकती है, तो केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह जिले सीहोर को क्यों वंचित रखा गया?
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई, तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त, खनन माफिया फरार
विज्ञापन
मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी तन्मय वर्मा को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने मांग रखी कि खराब हुई सोयाबीन फसलों का बीमा मुआवजा तुरंत जारी किया जाए और जिले को आरबीसी 6-4 के तहत राहत राशि में शामिल किया जाए।
किसानों की पीड़ा-हमारे खेत सूख रहे, उम्मीदें भी मुरझा रहीं
रैली में शामिल किसानों ने भावुक होते हुए कहा कि हमने अपनी फसलें दवा कंपनियों के भरोसे बोईं, लेकिन खराब दवाओं ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। उन्होंने मांग की कि जिन दवाओं के कारण फसलें नष्ट हुईं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो और कंपनियों से किसानों के नुकसान की भरपाई कराई जाए।
ये भी पढ़ें- किसान के घर में लगी आग से कृषि उपकरण और अन्य सामग्री जलकर खाक, चार मवेशी भी झुलसे
नारों से गूंजा सीहोर-बीमा दो, राहत दो!
रैली के दौरान “किसानों का हक दिलाओ”, “राहत राशि दो” और “बीमा राशि दो” जैसे नारों से सीहोर की सड़कों पर गूंज छा गई। हर किसान के चेहरे पर मेहनत और संघर्ष की लकीरें थीं। ट्रैक्टरों पर बैठे युवा और बुजुर्ग किसान समान रूप से अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे।
सरकार हमारी आवाज सुने
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होगा। समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने कहा कि सीहोर का किसान आज दुखी है, लेकिन टूटा नहीं है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक ट्रैक्टर रुकेंगे नहीं।

राहत राशि से वंचित किसान सड़क पर उतरे

राहत राशि से वंचित किसान सड़क पर उतरे
