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MP News : झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन ने छीन ली मासूम दीक्षा की मुस्कान, 5 दिन कोमा में रहने के बाद टूटी सांस
Tue, 07 Oct 2025 04:18 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Oct 2025 04:18 PM IST
सार
Sehore News : सीहोर जिले के ग्राम पीपलिया मीरा में इलाज के नाम पर दो साल की मासूम दीक्षा की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिजनों का आरोप है कि बरखेड़ी स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाया, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
Sehore News : सीहोर जिले के ग्राम पीपलिया मीरा में इलाज के नाम पर दो साल की मासूम दीक्षा की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिजनों का आरोप है कि बरखेड़ी स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाया, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
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दो साल की मासूम दीक्षा की मौत से पसरा मातम, लोगों में गुस्सा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीहोर जिले के ग्राम पीपलिया मीरा में उस वक्त कोहराम मच गया जब दो साल की मासूम दीक्षा (पिता कन्हैयालाल) की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, वे गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर बरखेड़ी स्थित मुस्कान क्लीनिक में इलाज कराने गए थे। वहां डॉक्टर अशोक विश्वकर्मा ने खांसी-बुखार के लिए इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही दीक्षा की हालत बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में वह कोमा में चली गई।
इलाज के नाम पर मौत, भोपाल तक चला संघर्ष
परिवार ने तुरंत दीक्षा को सीहोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल के मनन चाइल्ड केयर हॉस्पिटल ले जाया गया। पांच दिन तक दीक्षा जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन 7 अक्टूबर की सुबह दीक्षा ने दम तोड़ दिया।
दीक्षा की नन्ही मुस्कान के साथ पूरा परिवार भी टूट गया।
'परिवार की जान थी बेटी'
दीक्षा के चाचा गजराज कुशवाहा ने बताया कि दीक्षा हमारे परिवार की जान थी। वह हमेशा मुस्कुराती रहती थी, उसकी चहक पूरे घर में गूंजती थी। यकीन नहीं होता कि अब वह हमारे बीच नहीं है। दीक्षा के जाने से गांव में मातम छा गया है। हर आंख नम है, हर दिल दुखी है।
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झोलाछाप डॉक्टर पर गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर अशोक विश्वकर्मा के पास न तो डिग्री है और न ही इलाज की अनुमति। क्लीनिक फर्जी तरीके से चलाया जा रहा है। गजराज कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने 4 अक्टूबर को ही पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन तब तक दीक्षा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। उनका कहना है कि डॉक्टर की लापरवाही ने उनकी बच्ची की जान ले ली।
ये भी पढ़ें- Deadly Coldrif Syrup: किडनी खराब होने से नागपुर में नौ बच्चे भर्ती; CM मोहन यादव ने दिए मुफ्त इलाज के निर्देश
पुलिस जांच में जुटी, पीएम रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस मंगलवार को मुस्कान क्लीनिक, बरखेड़ी पहुंची और वहां से जरूरी दस्तावेज व जानकारी एकत्र की। थाना प्रभारी रविन्द्र यादव ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
न्याय की गुहार, सजा की मांग
गजराज कुशवाहा ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में कहा कि हमारी बिटिया अब लौटकर नहीं आएगी, लेकिन अगर दोषी को सजा मिलेगी तो उसे न्याय मिलेगा। ताकि आगे कोई और मासूम इस तरह की लापरवाही का शिकार न बने। इस मामले में सीएमएचओ सुधीर डेहरिया ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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इलाज के नाम पर मौत, भोपाल तक चला संघर्ष
परिवार ने तुरंत दीक्षा को सीहोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल के मनन चाइल्ड केयर हॉस्पिटल ले जाया गया। पांच दिन तक दीक्षा जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन 7 अक्टूबर की सुबह दीक्षा ने दम तोड़ दिया।
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दीक्षा की नन्ही मुस्कान के साथ पूरा परिवार भी टूट गया।
'परिवार की जान थी बेटी'
दीक्षा के चाचा गजराज कुशवाहा ने बताया कि दीक्षा हमारे परिवार की जान थी। वह हमेशा मुस्कुराती रहती थी, उसकी चहक पूरे घर में गूंजती थी। यकीन नहीं होता कि अब वह हमारे बीच नहीं है। दीक्षा के जाने से गांव में मातम छा गया है। हर आंख नम है, हर दिल दुखी है।
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झोलाछाप डॉक्टर पर गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर अशोक विश्वकर्मा के पास न तो डिग्री है और न ही इलाज की अनुमति। क्लीनिक फर्जी तरीके से चलाया जा रहा है। गजराज कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने 4 अक्टूबर को ही पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन तब तक दीक्षा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। उनका कहना है कि डॉक्टर की लापरवाही ने उनकी बच्ची की जान ले ली।
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पुलिस जांच में जुटी, पीएम रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस मंगलवार को मुस्कान क्लीनिक, बरखेड़ी पहुंची और वहां से जरूरी दस्तावेज व जानकारी एकत्र की। थाना प्रभारी रविन्द्र यादव ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
न्याय की गुहार, सजा की मांग
गजराज कुशवाहा ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में कहा कि हमारी बिटिया अब लौटकर नहीं आएगी, लेकिन अगर दोषी को सजा मिलेगी तो उसे न्याय मिलेगा। ताकि आगे कोई और मासूम इस तरह की लापरवाही का शिकार न बने। इस मामले में सीएमएचओ सुधीर डेहरिया ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
