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Sehore: क्लब फुट और मल्टी पल्स ज्वाइंट से ग्रस्त था मासूम, डॉक्टर ने किया ऐसा कि पैरों पर खड़ा हुआ और चलने लगा

Thu, 13 Mar 2025 05:40 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Thu, 13 Mar 2025 05:40 PM IST
सार

सीहोर के मुस्तफा, जो जन्मजात क्लब फुट और मल्टीपल जॉइंट डिसऑर्डर से ग्रसित था, ने पांच साल की चिकित्सा और फिजियोथेरेपी के बाद चलना शुरू कर दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों और फिजियोथेरेपिस्टों के अथक प्रयास से उसका पैर और कलाई सामान्य हो गई, जिससे माता-पिता की खुशी छलक उठी। 

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Due to the tireless efforts of parents and doctors, Mustafa has now started walking like normal children
सीहोर। अपने माता-पिता के साथ मुस्तुफा।

विस्तार

सीहोर निवासी शहाना और फहीम के लिए वह पल अविस्मरणीय था, जब उनके बेटे मुस्तफा ने जन्म के पांच साल बाद न केवल अपने पैरों पर खड़ा होना सीखा, बल्कि सामान्य बच्चों की तरह चलने भी लगा। जन्म से ही क्लब फुट और मल्टीपल जॉइंट डिसऑर्डर से ग्रसित मुस्तफा के उपचार के लिए जिला अस्पताल सीहोर के अस्थिरोग विशेषज्ञों और फिजियोथैरेपिस्टों ने लगातार पांच वर्षों तक अथक प्रयास किया।
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जन्म के बाद मुश्किलें और माता-पिता की चिंता
मुस्तफा का जन्म 2 अप्रैल 2019 को हुआ था, जिससे घर में खुशियों का माहौल था। लेकिन यह खुशी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। 3 अप्रैल 2019 को जब माता-पिता उसे एसएनसीयू से डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) लेकर पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि मुस्तफा न तो खड़ा हो सकेगा और न ही चल पाएगा। क्लब फुट की समस्या के कारण उसका घुटना पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया था, साथ ही बाएं हाथ की कलाई की नसों में भी कमजोरी थी, जिससे वह सीधी नहीं हो पा रही थी।
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इलाज और फिजियोथेरेपी का सफर
डीईआईसी में अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. हरिओम गुप्ता ने क्लब फुट की कास्टिंग शुरू की, जबकि फिजियोथेरेपिस्ट ने कलाई के लिए एक्सरसाइज बताई और उसे सीधा रखने के लिए हैंड ब्रेस दिया। कास्टिंग और टेनोटोमी (सर्जिकल प्रक्रिया) के बाद मुस्तफा का पैर सीधा हो गया और उसने चलना शुरू कर दिया।




इलाज की इस प्रक्रिया में पांच साल लगे, जिसमें विभिन्न प्रकार की फिजियोथेरेपी अपनाई गई, जैसे: नेचर डेवलपमेंट टेक्निक, पोजिशनिंग एक्सरसाइज, कोर स्टेबिलिटी और स्ट्रेंथनिंग, बैलेंसिंग और गेट ट्रेनिंग, हेड फंक्शन एक्सरसाइज।साथ ही, चिकित्सकों ने घर पर अभ्यास के लिए विशेष एक्सरसाइज प्लान भी दिया। धीरे-धीरे, मुस्तफा की स्थिति में सुधार होने लगा और अंततः वह अपने पैरों पर खड़ा होने के साथ-साथ चलने भी लगा।

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माता-पिता की खुशी
लगभग पांच वर्षों की लंबी चिकित्सा और फिजियोथेरेपी के बाद जब माता-पिता ने अपने बेटे को चलते हुए देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने मुस्तफा के सफल इलाज के लिए जिला अस्पताल सीहोर के चिकित्सकों और फिजियोथेरेपिस्टों का आभार व्यक्त किया।
 

सीहोर। अपने माता-पिता के साथ मुस्तुफा।

सीहोर। अपने माता-पिता के साथ मुस्तुफा।

 

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