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Sehore News: मौनी अमावस्या पर आस्था की डुबकी, त्रिवेणी योग में मां नर्मदा में श्रद्धालुओं ने किया स्नान

Wed, 29 Jan 2025 11:09 AM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Wed, 29 Jan 2025 11:09 AM IST
सार

ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि जब किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष या कालसर्प दोष होता है, तो उसे जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे जातक मां नर्मदा में स्नान कर पितृ व कालसर्प दोष की शांति कराकर मुक्ति पा सकते हैं।

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Sehore news: A dip of faith on Mauni Amavasya, devotees took bath in Maa Narmada in Triveni Yoga
नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

विस्तार

मौनी अमावस्या के अवसर पर बुधवार को सीहोर में नर्मदा तटीय गांव छीपानेर, सातदेव, मंडी, नीलकंठ, सीलकंठ, बाबरी सहित रेहटी क्षेत्र के आवंलीघाट में हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान, ध्यान कर मां नर्मदा की विशेष पूजा-अर्चना की। इस बार मौनी अमावस्या पर ग्रहों का शुभ योग बताया जा रहा था, जिसमें चंद्रमा, सूर्य और बुध मिलकर त्रिवेणी योग बना रहे थे, जो नर्मदा स्नान के लिए विशेष फलदायी माने जा रहे थे। इसके चलते नर्मदा तटों पर भक्तों की भारी भीड़ रही। 
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विद्वानों के अनुसार, विशेष रूप से तीनों ग्रह एक साथ मकर राशि में गोचर कर रहे थे। नर्मदा स्नान के साथ इस विशेष संयोग के बीच जातकों ने पितृ दोष और कालसर्प दोष की शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना भी संपन्न की। बुधवार को मौनी अमावस्या पड़ने से यह तिथि पितरों को समर्पित मानी गई। 
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ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि जब किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष या कालसर्प दोष होता है, तो उसे जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में व्यक्ति को आर्थिक समस्याओं के साथ-साथ पारिवारिक जीवन में भी क्लेश जैसी परेशानियों से जूझना पड़ता है। ऐसे जातक मां नर्मदा में स्नान कर पितृ व कालसर्प दोष की शांति कराकर मुक्ति पा सकते हैं।  
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गुरुवार से शुरू होंगे गुप्त नवरात्र, की जाएगी साधना
मौनी अमावस्या की समाप्ति के बाद गुरुवार, 30 जनवरी से इस साल के आखिरी गुप्त नवरात्र शुरू होने जा रहे हैं, जिनका समापन 6 फरवरी को होगा। यह नवरात्र साधना के लिए शुभ माने जाते हैं। गुप्त नवरात्र के दौरान मां भगवती देवी के उपासकों द्वारा 9 दिनों तक कठिन साधना कर मनोकामनाओं की पूर्ति की जाएगी। इस दौरान ज्ञान की देवी सरस्वती और मां नर्मदा की जयंती का त्योहार भी 3 व 4 फरवरी को मनाया जाएगा। 30 जनवरी के दिन श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र के साथ व्यतीपात योग बन रहा है, जो पूजा-पाठ के लिए बेहद शुभ है। इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाएगी। यह नवरात्र तंत्र साधना का विशेष पर्व है। गुप्त नवरात्र में तांत्रिक गुप्त साधना कर मां को प्रसन्न किया जाता है। गुप्त नवरात्र में माता के मंत्रों का जप करने से संतान सुख, रोग, दरिद्रता, धन आदि समस्याओं का निवारण होता है।
 

सीहोर। नर्मदा घाटो पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

 

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