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MP NEWS: 65 की उम्र में नया कीर्तिमान! वेट लिफ्टर मोहन पाराशर एशियन चैंपियनशिप में देश का करेंगे प्रतिनिधित्व
Sun, 25 May 2025 03:53 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Sun, 25 May 2025 03:53 PM IST
सार
वेट लिफ्टर मोहन पाराशर कहते हैं कि वो आज भी रोज़ सुबह 3 घंटे और शाम को 1 घंटा अभ्यास करते हैं। उनका सपना है कि वो देश के लिए मेडल जीतते रहें। उनका मानना है कि अगर खेल के लिए हौसला मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य पाना मुश्किल नहीं होता।
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वेट लिफ्टर मोहन पाराशर को परिजन और खेल प्रेमियों ने स्वागत कर रवानगी दी
विस्तार
लगातार 50 सालों से खेलों में इलाके का नाम रोशन करने वाले 65 साल के सीनियर वेट लिफ्टर मोहन पाराशर अब एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहे हैं। वे 27 मई से 31 मई तक कतर के दोहा में होने वाली मास्टर्स वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके चयन पर पूरे सीहोर जिले और उनके गांव बिलकिसगंज में खुशी का माहौल है। उन्हें ढोल-नगाड़ों के साथ विदा किया गया।
यह गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश से केवल एक खिलाड़ी का चयन हुआ है और वह भी सीहोर जिले के पास स्थित गांव बिलकिसगंज के रहने वाले हैं। मोहन पाराशर 65 से 69 साल की उम्र के वर्ग में और 89 किलोग्राम वजन वर्ग में भारत के लिए पदक जीतने की कोशिश करेंगे। मोहन पाराशर खुद एक सीनियर वेटलिफ्टर और कोच हैं। उन्होंने बताया कि वह आज भी हर दिन सुबह 3 घंटे और शाम को 1 घंटे तक नियमित अभ्यास करते हैं। उनका कहना है कि अगर किसी खेल के प्रति जुनून और हौसला हो, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता। उन्होंने युवाओं से कहा कि खेल में दिल लगाकर मेहनत करें, क्योंकि कुछ कर दिखाने की कोई उम्र नहीं होती।
13 साल की उम्र में की थी वेट लिफ्टिंग की शुरुआत
सीहोर जिले के बिलकिसगंज गांव के रहने वाले 65 वर्षीय मोहन पाराशर ने सिर्फ 13 साल की उम्र में वेट लिफ्टिंग शुरू की थी। जब उन्होंने पहली बार जिले स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया, तो उन्हें गोल्ड मेडल मिला। इसी जीत ने उनका उत्साह इतना बढ़ाया कि फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद उन्होंने स्टेट लेवल, नेशनल लेवल और फिर इंटरनेशनल लेवल पर भी गोल्ड मेडल जीते। अब वे 65 की उम्र में भी इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में लगातार गोल्ड जीत रहे हैं। अब वे पहली बार कतर के दोहा में होने वाली एशियन मास्टर्स वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। रविवार को वे कतर के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उनके परिवार और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार स्वागत कर विदाई दी।
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यह भी पढ़ें: कांग्रेस की रैली मे शामिल होंगे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, ये बड़े नेता होंगे शामिल
कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं मोहन पाराशर
छोटे से गांव बिलकिसगंज के मोहन पाराशर ने अब तक तीन वर्ल्ड लेवल गोल्ड मेडल और दो कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल भारत को दिलाए हैं। जब ज्यादातर खिलाड़ी रिटायरमेंट की बात सोचते हैं, तब मोहन पाराशर अपनी मेहनत, जुनून और लगन से देश का नाम रोशन कर रहे होते हैं। उन्होंने 2021 में ऑस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ वेट लिफ्टिंग में, मार्च 2023 में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में मास्टर्स वर्ल्ड कप में, नवंबर 2023 में ग्रीस के एथेंस में वर्ल्ड मास्टर्स वेट लिफ्टिंग में गोल्ड जीता है। हाल ही में जर्मनी में भी इंटरनेशनल वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने साबित किया कि वो आज भी चैंपियन हैं। मोहन पाराशर देश और युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं, जो दिखाते हैं कि उम्र कभी भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती।
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यह गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश से केवल एक खिलाड़ी का चयन हुआ है और वह भी सीहोर जिले के पास स्थित गांव बिलकिसगंज के रहने वाले हैं। मोहन पाराशर 65 से 69 साल की उम्र के वर्ग में और 89 किलोग्राम वजन वर्ग में भारत के लिए पदक जीतने की कोशिश करेंगे। मोहन पाराशर खुद एक सीनियर वेटलिफ्टर और कोच हैं। उन्होंने बताया कि वह आज भी हर दिन सुबह 3 घंटे और शाम को 1 घंटे तक नियमित अभ्यास करते हैं। उनका कहना है कि अगर किसी खेल के प्रति जुनून और हौसला हो, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता। उन्होंने युवाओं से कहा कि खेल में दिल लगाकर मेहनत करें, क्योंकि कुछ कर दिखाने की कोई उम्र नहीं होती।
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13 साल की उम्र में की थी वेट लिफ्टिंग की शुरुआत
सीहोर जिले के बिलकिसगंज गांव के रहने वाले 65 वर्षीय मोहन पाराशर ने सिर्फ 13 साल की उम्र में वेट लिफ्टिंग शुरू की थी। जब उन्होंने पहली बार जिले स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया, तो उन्हें गोल्ड मेडल मिला। इसी जीत ने उनका उत्साह इतना बढ़ाया कि फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद उन्होंने स्टेट लेवल, नेशनल लेवल और फिर इंटरनेशनल लेवल पर भी गोल्ड मेडल जीते। अब वे 65 की उम्र में भी इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में लगातार गोल्ड जीत रहे हैं। अब वे पहली बार कतर के दोहा में होने वाली एशियन मास्टर्स वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। रविवार को वे कतर के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उनके परिवार और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार स्वागत कर विदाई दी।
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कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं मोहन पाराशर
छोटे से गांव बिलकिसगंज के मोहन पाराशर ने अब तक तीन वर्ल्ड लेवल गोल्ड मेडल और दो कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल भारत को दिलाए हैं। जब ज्यादातर खिलाड़ी रिटायरमेंट की बात सोचते हैं, तब मोहन पाराशर अपनी मेहनत, जुनून और लगन से देश का नाम रोशन कर रहे होते हैं। उन्होंने 2021 में ऑस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ वेट लिफ्टिंग में, मार्च 2023 में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में मास्टर्स वर्ल्ड कप में, नवंबर 2023 में ग्रीस के एथेंस में वर्ल्ड मास्टर्स वेट लिफ्टिंग में गोल्ड जीता है। हाल ही में जर्मनी में भी इंटरनेशनल वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने साबित किया कि वो आज भी चैंपियन हैं। मोहन पाराशर देश और युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं, जो दिखाते हैं कि उम्र कभी भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती।
