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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News ›   Five lakh devotees arrived in Kubereshwar Dham, Mishra said - My innocent Baba gives by tearing thatch

Kubereshwar Dham: कुबेरेश्वर धाम में पहुंचे पांच लाख भक्त, मिश्रा बोले- मेरे भोले बाबा देते हैं छप्पर फाड़कर

Sat, 18 Feb 2023 09:27 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: रवींद्र भजनी Updated Sat, 18 Feb 2023 09:27 PM IST
सार

सीहोर जिले के कुबेरेश्वर में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। दस टन से अधिक फलहारी प्रसादी का वितरण हुआ। 
 

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Five lakh devotees arrived in Kubereshwar Dham, Mishra said - My innocent Baba gives by tearing thatch
पंडित प्रदीप मिश्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सभी देवता देते भैया पल्ला झाड़कर, मेरे भोले बाबा देते भैया छप्पर फाड़कर। भगवान महादेव पर विश्वास और आस्था होना चाहिए, तब ही सत्य के मार्ग पर आप अग्रसर हो सकते हैं। अपने कर्म के प्रति जिस दिन तुम जागरूक हो जाओगे, उस दिन तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य की प्राप्ति निश्चित है। कर्म का फल जरूर मिलता है। श्री शिवपुराण में भी लिखा है कि स्वयं कर्म करोगे तो दुख घटना शुरू हो जाएगा। कर्म की लिस्ट हम स्वयं तैयार करते है।  उक्त विचार चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वरधाम पर जारी सात दिवसीय शिव महापुराण के तीसरे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि जिस कार्य को आप पूरी निष्ठा और सत्य के साथ करेंगे उसमें आपको सफलता मिलेगी। शनिवार को कथा के अंत में भगवान शिव और माता पार्वती के मंगल विवाह की झांकी सजाई गई थी।

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पंडित मिश्रा ने कहा कि हमारे द्वारा किए गए अच्छे कर्मों के बाद यदि मन मे अहंकार का भाव आ गया तो उसका पुण्य लाभ हमें नहीं मिलता। यदि हम भगवान शिव का व्रत रखकर अभिमान करते हैं तो उस व्रत का वांछित फल हमें नहीं मिलता है।
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पेट भरने की जिम्मेदारी भगवान की पेटी भरने की नहीं
श्रद्धालुओं को शिव पुराण कथा का मर्म और आज के हालात पर मार्गदर्शन देते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि व्यक्ति का पेट भरने की जिम्मेदारी परमात्मा की होती है। पेटी भरने की जिम्मेदारी परमात्मा की नहीं होती है। भगवान ने पेट देकर भेजा है इसलिए उसे भरना उसकी जिम्मेदारी है। परिवार दिया है इसलिए उसका पालन-पोषण करना भी उसकी जिम्मेदारी है। रिश्ते-नाते दिए हैं तो उनका निर्वहन करना भी उसकी जिम्मेदारी है। भगवान ने पेटी नहीं दी थी तो उसे भरना भगवान की जिम्मेदारी नहीं है। व्यक्ति जब पेटी भरने के चक्कर में लगता है तो वह पेट को भूल जाता है। पेटी को भरते-भरते शरीर व्यर्थ हो जाता है।
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दस टन फलाहारी प्रसादी वितरित
सुबह से देर रात्रि तक भोजनशाला में दस टन से अधिक फलहारी प्रसादी का वितरण लाखों श्रद्धालुओं को किया गया। महाशिवरात्रि का पावन पर्व शनिवार को आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं को फलहार की प्रसादी वितरित की गई। यहां आने वाले श्रद्धालुओं ने महादेव का जलाभिषेक किया। 


पूरे साल श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष का वितरण
विठलेस सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि अब रुद्राक्ष का वितरण पूरे साल जो कुबेरेश्वर धाम में होता रहेगा। जो भक्त नहीं आ सकते, वे साल में कभी भी आकर यहां से रुद्राक्ष ले सकते हैं। लोग समझ रहे हैं कि यह रुद्राक्ष की भीड़ है, यह तो बाबा के भक्तों की भीड़ है। यहां पर आने वाले श्रद्धालु पूरी आस्था और उत्साह के साथ महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। 


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