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सीहोर: वाघा बॉर्डर यात्रा से कंचन की सीमा पर जाने की ख्वाहिश हुई पूरी, मां तुझे प्रणाम योजना में हुआ था चयन
Sun, 08 May 2022 07:19 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 08 May 2022 07:19 PM IST
सार
मध्य प्रदेश की लाड़लियों को सरकारी खर्च पर देश-भक्ति का जोश और जुनून जागृत करने, देश की सुरक्षा में लगे प्रहरियों की गतिविधियों को जानने के लिए वाघा बॉर्डर पर भेजा गया। बालिकाओं को वाघा-हुसैनीवाला बॉर्डर, जलियांवाला बाग, अमृतसर सहित अन्य प्रमुख स्थानों का भ्रमण कराया गया।
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प्रदेश सरकार की मां तुझे प्रणाम योजना अंतर्गत सीहोर की कंचन राठौर वाघा बॉर्डर पर गईं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत लाडली लक्ष्मी उत्सव कार्यक्रम में दो मई से 11 मई तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर सीहोर की कंचन राठौर का चयन प्रदेश सरकार की मां तुझे प्रणाम योजना अंतर्गत वाघा बॉर्डर पर भ्रमण के लिए किया गया।
बता दें कि देश-भक्ति का जोश और जुनून जागृत करने, उन्हें देश की सुरक्षा में लगे प्रहरियों की गतिविधियों को जानने के लिए शासकीय खर्च पर देश की सीमा वाघा बॉर्डर पर भी भेजा गया। बालिकाओं को वाघा-हुसैनीवाला बॉर्डर, जलियांवाला बाग, अमृतसर सहित अन्य प्रमुख स्थानों का भ्रमण कराया गया। बालिकाओं में इस यात्रा के लिए काफी उत्साह देखा गया। सीहोर के रानी मोहल्ला वार्ड क्रमांक 10 में रहने वाली कंचन राठौर भी बॉर्डर पर गई थीं। कंचन ने बताया कि वे वर्तमान में कक्षा 12वीं में पढ़ रही हैं।
कंचन ने बताया कि इस तरह का मौका उन्हें पहली बार मिला था। कंचन कहती हैं कि मेरी ख्वाहिश थी कि एक बार देश की सीमा पर जाकर देश के रक्षकों से मुलाकात करूं, उन्हें देखूं और उन्हें धन्यवाद दूं। मेरी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मामा बनकर हम लाड़लियों को यह अवसर प्रदान किया।
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बता दें कि देश-भक्ति का जोश और जुनून जागृत करने, उन्हें देश की सुरक्षा में लगे प्रहरियों की गतिविधियों को जानने के लिए शासकीय खर्च पर देश की सीमा वाघा बॉर्डर पर भी भेजा गया। बालिकाओं को वाघा-हुसैनीवाला बॉर्डर, जलियांवाला बाग, अमृतसर सहित अन्य प्रमुख स्थानों का भ्रमण कराया गया। बालिकाओं में इस यात्रा के लिए काफी उत्साह देखा गया। सीहोर के रानी मोहल्ला वार्ड क्रमांक 10 में रहने वाली कंचन राठौर भी बॉर्डर पर गई थीं। कंचन ने बताया कि वे वर्तमान में कक्षा 12वीं में पढ़ रही हैं।
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कंचन ने बताया कि इस तरह का मौका उन्हें पहली बार मिला था। कंचन कहती हैं कि मेरी ख्वाहिश थी कि एक बार देश की सीमा पर जाकर देश के रक्षकों से मुलाकात करूं, उन्हें देखूं और उन्हें धन्यवाद दूं। मेरी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मामा बनकर हम लाड़लियों को यह अवसर प्रदान किया।
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