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Sehore News: प्रधानों को फिर से चार्ज देने के विरोध में सरपंच उम्मीदवार, कहा- प्रशासनिक अधिकारियों को बनाया जाए ग्राम पंचायतों का प्रमुख शासक
Fri, 31 Dec 2021 05:50 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 31 Dec 2021 05:50 PM IST
सार
सरपंच उम्मीदवारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानों को वापस चार्ज देने के मामले में विरोध दर्ज कराया है। शुक्रवार को सरपंच उम्मीदवारों ने कलेक्टर डॉ. चंद्रमोहन ठाकुर और विधायक सुदेश राय को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम का ज्ञापन दिया है।
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Sehore: ज्ञापन देने कलेक्टर ऑफिस पहुंचे सरपंच उम्मीदवार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरपंच उम्मीदवारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानों को वापस चार्ज देने के मामले में विरोध दर्ज कराया है। शुक्रवार को सरपंच उम्मीदवारों ने कलेक्टर डॉ. चंद्रमोहन ठाकुर और क्राइसिस मैनेजमेंट मीटिंग में पहुंचे विधायक सुदेश राय को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम का ज्ञापन दिया है। जनपद पंचायत सीहोर अंतर्गत आने वाली सौ से अधिक ग्राम पंचायतों के सरपंच पद के उम्मीदवारों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ग्राम पंचायतों का प्रमुख शासक बनाए जाने की मांग की है।
सरपंच उम्मीदवारों ने कहा कि प्रदेश सरकार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों कराने को लेकर गांवों में विकट स्थितियां पैदा हो गई हैं। वर्तमान सरपंचों के समर्थक और सरपंच पदों के लिए पर्चा भरने वाले उम्मीदवारों के समर्थकों में मनमुटाव अब विवाद के रूप में सामने आने लगा है। उम्मीदवारों का कहना है कि ऐसे हालातों में प्रधानों को वापस सरपंच के अधिकार प्रदान किए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र की आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
इस अवसर पर सरपंच उम्मीदवारों के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि एक ग्राम पंचायत से लगभग 5 सदस्य निवार्चन के उम्मीदवार थे। इनके समर्थन में अनेक ग्रामीण खुलकर आ गए थे। अब वर्तमान में अगर प्रधानों को चार्ज दे दिया जाता है तो उम्मीदवारों के साथ खड़े हुए ग्रामीणों के साथ पक्षपात किया जाएगा। प्रधानों द्वारा जानबूझकर ऐसे ग्रामीणों को सरकारी योजनों का लाभ नहीं दिया जाएगा। शासन की योजनाओं के लाभ से हजारों लोग वंचित रहेंगे। गांवों में किसी भी प्रकार का विवाद नहीं हो और पात्र ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे, इसके लिए ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रधान का कार्यभार प्रदान किया जाए।
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सरपंच उम्मीदवारों ने कहा कि प्रदेश सरकार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों कराने को लेकर गांवों में विकट स्थितियां पैदा हो गई हैं। वर्तमान सरपंचों के समर्थक और सरपंच पदों के लिए पर्चा भरने वाले उम्मीदवारों के समर्थकों में मनमुटाव अब विवाद के रूप में सामने आने लगा है। उम्मीदवारों का कहना है कि ऐसे हालातों में प्रधानों को वापस सरपंच के अधिकार प्रदान किए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र की आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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इस अवसर पर सरपंच उम्मीदवारों के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि एक ग्राम पंचायत से लगभग 5 सदस्य निवार्चन के उम्मीदवार थे। इनके समर्थन में अनेक ग्रामीण खुलकर आ गए थे। अब वर्तमान में अगर प्रधानों को चार्ज दे दिया जाता है तो उम्मीदवारों के साथ खड़े हुए ग्रामीणों के साथ पक्षपात किया जाएगा। प्रधानों द्वारा जानबूझकर ऐसे ग्रामीणों को सरकारी योजनों का लाभ नहीं दिया जाएगा। शासन की योजनाओं के लाभ से हजारों लोग वंचित रहेंगे। गांवों में किसी भी प्रकार का विवाद नहीं हो और पात्र ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे, इसके लिए ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रधान का कार्यभार प्रदान किया जाए।
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