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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore: Devotees gathered in the seven-day Pran-Pratishtha festival, thousands of people reaching to see the austerity of Pagal Baba in the scorching sun

सीहोर: सात दिनी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु, तपती धूप में पागल बाबा के तप को देखने पहुंच रहे हजारों लोग

Mon, 02 May 2022 09:26 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 02 May 2022 09:26 AM IST
सार

क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना को लेकर निर्मित श्रीराम जानकी मंदिर में श्री राम दरबार एवं श्री शिव परविार की प्राण-प्रतिष्ठा के महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को संतों के दर्शन हो रहे हैं, वहीं पहले ही दिन से सबकी खुशहाली के लिए पागल बाबा तपती धूप में रेत पर तप कर रहे है। 

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Sehore: Devotees gathered in the seven-day Pran-Pratishtha festival, thousands of people reaching to see the austerity of Pagal Baba in the scorching sun
सीहोर में प्राण-प्रतिष्ठा के महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर शहर के गंज में राठौर क्षत्रिय समाज द्वारा निर्मित श्रीराम जानकी मंदिर में श्री राम दरबार एवं श्री शिव परविार की प्राण-प्रतिष्ठा का महोत्सव जारी है। इसमें जिले भर में अपनी तप की साधना के लिए प्रसिद्ध पागल बाबा खुशहाली और शांति के लिए विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं। नंगे बदन तपती धूप में बैठ कर धूनी रमाए अपना शरीर तपा रहे हैं। जिनको देखने और सीताराम की मधुर धुन का श्रवण करने के लिए हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।
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जानकारी देते हुए कार्यक्रम के अध्यक्ष रुद्रप्रकाश राठौर ने बताया कि क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना को लेकर निर्मित श्रीराम जानकी मंदिर में श्री राम दरबार एवं श्री शिव परविार की प्राण-प्रतिष्ठा के महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को संतों के दर्शन हो रहे हैं, वहीं पहले ही दिन से सबकी खुशहाली के लिए पागल बाबा तपती धूप में रेत पर तप कर रहे है। सोमवार को देवपूजन एवं विग्रह का हिरण्यद्रव्य महास्नान शैयादिवास किया जाएगा। मंगलवार को देवपूजन एवं पूर्णाहुति विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा महाआरती की जाएगी।
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देव पूजन एवं विग्रह का पत्र पुष्प फलादिवास था, अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बारे में बताते हुए यज्ञाचार्य पंडित श्री शर्मा ने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व सभी देवों की आराधना की जाती है। निराकार ब्रह्म के साकार रूप हैं पंचदेव, परब्रह्म परमात्मा निराकार व अशरीरी है, अत: साधारण मनुष्यों के लिए उसके स्वरूप का ज्ञान असंभव है। इसलिए निराकार ब्रह्म ने अपने साकार रूप में पांच देवों को उपासना के लिए निश्चित किया जिन्हें पंचदेव कहते हैं। ये पंचदेव हैं—विष्णु, शिव, गणेश, सूर्य और शक्ति। सूर्य, गणेश, देवी, रुद्र और विष्णु—ये पांच देव सब कामों में पूजने योग्य हैं, जो श्रद्धा विश्वास के साथ इनकी आराधना करते हैं वे कभी हीन नहीं होते, उनके यश-पुण्य और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती हैं। वेद-पुराणों में पंचदेवों की उपासना को महाफलदायी और आवश्यक बताया गया है, इनकी सेवा से परब्रह्मा परमात्मा की उपासना हो जाती है।
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