Sagar: डॉ. हरीसिंह विवि में क्ले मॉडलिंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और व्यावहारिक हिंदी में शुरू होंगे नए कोर्स
सागर के डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में आगामी सत्र से योग, मधुमक्खी पालन, AI, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसे कई नए डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे। SWAYAM प्लेटफॉर्म को भी स्वीकृति मिली।
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सागर डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की विद्यापरिषद की बैठक में आगामी सत्र से कई नवीन पाठ्यक्रमों के संचालन को स्वीकृति प्रदान की गई है। कम्युनिटी कॉलेज में अब "योग शिक्षा" में एक वर्षीय डिप्लोमा शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मधुमक्खी पालन, योग एवं वेलनेस, क्ले मॉडलिंग एंड सिरेमिक आर्ट, बेसिक कंप्यूटर एप्लीकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि विषयों में सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही पीजी डिप्लोमा इन जियोइन्फॉरमैटिक्स, एमएससी इकोनॉमिक्स, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, क्लिनिकल एंड थेराप्यूटिक न्यूट्रिशन और फाइनेंशियल मैथेमैटिक्स जैसे कोर्स भी शामिल होंगे।
हिंदी विभाग द्वारा हिंदी भाषी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए व्यावहारिक हिंदी में अल्पावधि सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएंगे। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने की। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न अकादमिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें यूजीसी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार SWAYAM प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों को भी अनुमोदन प्राप्त हुआ। अब विद्यार्थी नियमित कक्षाओं के अलावा SWAYAM के माध्यम से भी अध्ययन कर सकेंगे।
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इंटरनेशनल कोलैबोरेशन सेल द्वारा विदेशी विश्वविद्यालयों से की जा रही अकादमिक साझेदारी की प्रगति पर भी चर्चा की गई, जिसके तहत फ्रेंच, जर्मन, जापानी एवं स्पेनिश भाषाओं के पाठ्यक्रम भी विश्वविद्यालय में संचालित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकेगी।
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बैठक में विद्यापरिषद के सदस्य, मेरठ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन के निदेशक प्रो. एपी सिंह, पूर्णिया विश्वविद्यालय बिहार के पूर्व कुलपति प्रो. आरएन यादव, विश्वविद्यालय के विभिन्न अकादमिक निदेशक, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, विद्यापरिषद के शिक्षक सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


