{"_id":"66ea8823380acce71e00bb9c","slug":"students-of-the-universitys-pharmacy-department-filled-ideological-hygiene-forms-on-no-abuse-day-sagar-news-c-1-1-noi1338-2118653-2024-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sagar University: अब नहीं देंगे गालियां...'नो एब्यूज डे' पर फॉर्मेसी छात्रों ने भरे वैचारिक स्वच्छता फार्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sagar University: अब नहीं देंगे गालियां...'नो एब्यूज डे' पर फॉर्मेसी छात्रों ने भरे वैचारिक स्वच्छता फार्म
Wed, 18 Sep 2024 03:24 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 03:24 PM IST
सार
सागर विश्वविद्यालय के फॉर्मेसी विभाग में नो एब्यूज डे मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने आपस में गलियां नहीं देने का संकल्प लिया तथा वैचारिक स्वच्छता फार्म भी भरे।
विज्ञापन
नो एब्यूज डे पर मौजूद छात्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के सागर जिले में स्थित डॉ. हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर के फॉर्मेसी विभाग में विश्वविद्यालय आंतरिक परिवाद समिति, एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया महिला विंग तथा वी क्लब सागर गोल्ड के संयुक्त तत्वाधान में कार्य स्थल पर महिला यौन उत्पीड़न तथा वैचारिक स्वच्छता अभियान, मां बहन बेटी की गलियां बंद होना चाहिए विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। आंतरिक परिवाद समिति की प्रिसाइडिंग ऑफिसर एवं डीन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रो. अस्मिता गजभिए ने विद्यार्थियों के बीच कार्य स्थल पर महिला यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 पर विस्तार से चर्चा की।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय आंतरिक परिवाद समिति की सदस्य एवं वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता ने 17 सितंबर नो एब्यूज डे जन जागृति संकल्प दिवस पर विद्यार्थियों को जीवन में कभी भी मां बहन बेटी की गालियां न देने की शपथ दिलाई। साथ ही इस जन जागृति को सोशल मीडिया द्वारा चेन रिएक्शन की भांति आगे बढ़ाने का विद्यार्थियों से आग्रह किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर फॉर्मेसी विभाग से प्रोफेसर डॉ. वंदना सोनी तथा डॉ. धर्मेन्द्र जैन उपस्थित थे। वी क्लब सागर गोल्ड से अध्यक्ष पूजा केसरवानी, रीजनल को-आर्डिनेटर रुक्मणी सहित सदस्य प्रीति व जागृति उपस्थित थीं। संचालन रिसर्च स्कॉलर अर्पणा पुरोहित एवं अनामिका जैन ने किया।
विज्ञापन
