हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आज हम आपको मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक ऐसे अनोखे मंदिर से रूबरू करा रहे हैं, जिसकी कहानी सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आर्मी कैंट क्षेत्र में स्थित ‘परेड वाले हनुमान जी’ का मंदिर अपनी अद्भुत कथा और चमत्कारी प्रतिमा के कारण देशभर के श्रद्धालुओं, खासकर सैन्य कर्मियों के बीच अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है।
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हनुमान जी
- फोटो : अमर उजाला
जब सैनिक की जगह खुद हनुमान जी पहुंचे परेड में
इस मंदिर से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प और चमत्कारी लोककथा वर्षों से प्रचलित है। कहा जाता है कि कई साल पहले सेना का एक जवान इस मंदिर में पूजा करने आया था। वह बजरंगबली की भक्ति में इतना लीन हो गया कि उसे अपनी ड्यूटी और परेड का समय ही याद नहीं रहा। जब पूजा समाप्त हुई और उसे होश आया, तो वह घबराकर तुरंत परेड ग्राउंड की ओर भागा। वहां पहुंचकर उसने मेजर से हाथ जोड़कर माफी मांगी और कहा कि उससे बड़ी गलती हो गई, वह आज परेड में शामिल नहीं हो पाया।
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परेड वाले हनुमान जी
- फोटो : अमर उजाला
मेजर का जवाब सुनकर उड़ गए होश
जवान की बात सुनकर मेजर हैरान रह गए। उन्होंने कहा, 'तुम क्या कह रहे हो? रजिस्टर में तुम्हारे हस्ताक्षर मौजूद हैं और तुम पूरी परेड के दौरान उपस्थित थे।' यह सुनते ही जवान के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह समझ गया कि संकट की घड़ी में उसके आराध्य ने ही उसकी रक्षा की है। मान्यता है कि उस दिन स्वयं पवनपुत्र हनुमान ने सैनिक का रूप धारण कर परेड ग्राउंड में उसकी उपस्थिति दर्ज कराई थी। जब जवान ने मेजर को पूरी सच्चाई बताई, तो यह चमत्कार पूरे कैंट क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। तभी से उन्हें ‘परेड वाले हनुमान जी’ कहा जाने लगा।
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हनुमान जी का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
दूर-दूर से आते हैं अफसर
यह मंदिर जितना चमत्कारी है, यहां स्थापित प्रतिमा भी उतनी ही अनूठी है। संभवतः यह देश का इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां हनुमान जी एक सैनिक की तरह सजे-धजे नजर आते हैं। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि जो युवा सेना या पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, वे यहां आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां प्रार्थना करने वाले कई युवाओं को देश सेवा का अवसर मिला है। विशेष बात यह है कि सागर कैंट से ट्रांसफर होकर देश के अन्य हिस्सों में जाने वाले सेना के अधिकारी और जवान भी समय-समय पर यहां माथा टेकने जरूर आते हैं। उनके लिए यह मंदिर कर्तव्यपरायणता और आस्था की एक अनोखी मिसाल बन चुका है।
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