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खबर का असर: सागर में आदिवासियों के पट्टे की जमीन पर कब्जा हटाने के तहसीलदार ने दिए आदेश, जानें पूरा मामला
Wed, 18 Sep 2024 08:48 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 08:48 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के सागर जिले में अमर उजाला की खबर का असर हुआ है। आदिवासियों की जमीन कब्जा करने के मामले को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी। इस पर तहसीलदार ने कार्रवाई की है।
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पीड़ित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सागर जिले की माल्थौन तहसील के आदिवासियों के पट्टे के 35 खेतों पर अनाधिकृत कब्जे के मामले में तहसीलदार ने कब्जाधारी के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया है। गौरतलब हो कि इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रसारित किया था।
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बता दें कि मालथौन नगर के वार्ड 10 में रहने वाले 20 आदिवासी परिवारों के 35 आदिवासी व्यक्तियों की 52 एकड़ के करीब पट्टे की जमीन को रुपयों का लालच देकर जबरन कब्जा करने का मामला सामने सामने आने के बाद पीड़ित परिवारों ने तहसीलदार मालथौन के नाम सामूहिक आवेदन देकर रानू सिंघई पिता गोकुलचंद्र जैन निवासी मालथौन पर बहला फुसलाकर शराब पिलाकर उनकी जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ित परिवारों ने बताया था कि रानू सिंघई बीते 10 साल से उनकी जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहा है। सभी की खेतीहर जमीनों की भू-अधिकार पुस्तिका भी अपने पास रख बेचने का भी प्रयास कर चुका है।
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आवेदन में पीड़ितों ने उल्लेख किया था कि रानू सिंघई ने कुछ जमीन गैर आदिवासी लोगों को ठेके पर दे दी है। जमीन वापस मांगने पर गाली-गलौज करने के भी आरोप लगाए थे। रुपये की कमी के चलते उन्होंने एक साल के लिए ठेके पर अपने पट्टे की भूमि रखी थी। लेकिन उसके बाद से कब्जाधारी उनकी जमीन नही छोड़ रहा था। फर्जी तरीके से स्टांप पेपर पर नकली अंगूठा के निशान बनाकर तौर किए गए ठेका नामा भी तहसील में पेश किए थे।
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मामले की जांच और पटवारी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार प्रेम नारायण सिंह ने कब्जाधारी रानू सिंघई के खिलाफ आदेश जारी करते हुए बताया कि अनावेदक का अनाधिकृत कब्जा प्रमाणित पाया गया है, जिसमें अनावेदक को कब्जा से बेदखल करने, भूमि का कब्जा वापस मूल भूमिस्वामी को सौंपकर कृषि कार्य करने फसल काटने की स्वतंत्रता दी गई है। साथ ही अनावेदक रानू सिंघई को उपरोक्त भूमि पर स्वयं खेती करने या किसी अन्य से कराने, हस्तक्षेप करने या अन्य व्यक्तियों द्वारा कराने से अग्रिम आदेश तक रोका गया है। उक्त आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप
गौरतलब है कि तहसील मुख्यालय और आसपास के लोग गरीबों को जाल में फंसाकर उनकी जमीनों को सस्ते दामों में खरीदकर जमीदार बन बैठे हैं। अपने इस धंधे को दिन दूना रात चौगना बनाने में लगे हुए हैं। खबर है कि तहसीलदार प्रेम नारायण सिंह की इस कार्रवाई के बाद उन्हें भी कार्रवाई होने की चिंता सताने लगी है।
