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Sagar News: चीफ जस्टिस ने किया सिविल न्यायालय भवन का लोकार्पण, बोले- अब डिजिटल सिस्टम की जरूरत
Sun, 06 Apr 2025 08:02 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Apr 2025 08:02 PM IST
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लोकार्पण करते चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ।
- फोटो : अमर उजाला
न्यायालयीन प्रक्रिया को ई-प्रक्रिया के साथ डिजिटल बनाएं। न्यायालय भवन को कार्य स्थल के साथ-साथ कर्मस्थल भी बनाएं। न्यायाधीश, अधिवक्ताओं की सरल, सुगम, सस्ता न्याय दिलाने में अहम भूमिका होती है। जब न्याय में देरी होती है तो समाज में असंतोष पैदा होता है अतः न्याय में देरी न करें। उक्त विचार मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति सुरेश कुमार कैथ ने मालथोन में 12 करोड़ से अधिक में तैयार किये गये सिविल न्यायालय भवन का लोकार्पण करते हुए व्यक्त किए।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं सागर जिले के पोर्टफोलियो जज संजय द्विवेदी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमके शर्मा, विशेष न्यायाधीश प्रदीप सोनी, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय अखिलेश मिश्रा, विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार, कलेक्टर पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में न्यायाधीश गण, अधिवक्ता, अधिकारी, कर्मचारी एवं जन समुदाय मौजूद था।
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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैथ ने कहा कि न्याय में देरी के कारण समाज में असंतोष पैदा होता है। असंतोष पैदा न हो इसलिए सभी न्यायाधीश, अधिवक्ता तत्काल कार्रवाई करते हुए शीघ्रता से प्रकरणों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम लागू करें, जिससे कि सभी कार्य शीघ्रता से किये जा सकें। उन्होंने कहा कि न्यायालय में बार एवं बेंच का सामान होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार के द्वारा न्यायालय के संसाधनों के लिए पर्याप्त बजट प्रदान किया गया है। इस बजट के माध्यम से न्यायालय में सभी आवश्यकताएं पूरी की जाएंगी।
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उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं सागर जिले के पोर्टफोलियो जज संजय द्विवेदी ने कहा कि भवन निर्जीव होता है, जिसे सजीव बनाने के लिए आप सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह भवन समय पर बना है, इसके लिए जिला प्रशासन के कार्य को धन्यवाद देता हूं। इसी प्रकार तुरंत न्याय करने के लिए न्यायाधीश एवं अधिवक्ता कार्य करें। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेश कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए सागर जिले एवं नवनिर्मित भवन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
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इस अवसर पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं सागर जिले के पोर्टफोलियो जज संजय द्विवेदी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमके शर्मा, विशेष न्यायाधीश प्रदीप सोनी, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय अखिलेश मिश्रा, विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार, कलेक्टर पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में न्यायाधीश गण, अधिवक्ता, अधिकारी, कर्मचारी एवं जन समुदाय मौजूद था।
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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैथ ने कहा कि न्याय में देरी के कारण समाज में असंतोष पैदा होता है। असंतोष पैदा न हो इसलिए सभी न्यायाधीश, अधिवक्ता तत्काल कार्रवाई करते हुए शीघ्रता से प्रकरणों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम लागू करें, जिससे कि सभी कार्य शीघ्रता से किये जा सकें। उन्होंने कहा कि न्यायालय में बार एवं बेंच का सामान होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार के द्वारा न्यायालय के संसाधनों के लिए पर्याप्त बजट प्रदान किया गया है। इस बजट के माध्यम से न्यायालय में सभी आवश्यकताएं पूरी की जाएंगी।
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उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं सागर जिले के पोर्टफोलियो जज संजय द्विवेदी ने कहा कि भवन निर्जीव होता है, जिसे सजीव बनाने के लिए आप सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह भवन समय पर बना है, इसके लिए जिला प्रशासन के कार्य को धन्यवाद देता हूं। इसी प्रकार तुरंत न्याय करने के लिए न्यायाधीश एवं अधिवक्ता कार्य करें। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेश कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए सागर जिले एवं नवनिर्मित भवन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
