गोडसे विवाद पर प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, कभी-कभी झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है...
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अक्सर अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहने वाली साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जो उन्हें विवादों के केंद्र में ले आया है। बुधवार को उन्होंने लोकसभा में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को दोबारा देशभक्त कह दिया। जिसपर विपक्ष काफी हंगामा कर रहा है। सरकार ने भी संसद में सफाई देते हुए कहा कि यह बयान निंदनीय है।
वहीं अब साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान को लेकर ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि मैंने कल ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा। उनका कहना है कि उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया और वह स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह का जिक्र कर रही थीं। उन्होंने लिखा, 'कभी-कभी झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है कि दिन में भी रात लगने लगती है किंतु सूर्य अपना प्रकाश नहीं खोता पलभर के बवंडर में लोग भ्रमित न हों सूर्य का प्रकाश स्थाई है। सत्य यही है कि कल मैंने ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा बस।'
कभी-2 झूठ का बबण्डर इतना गहरा होता है कि दिन मे भी रात लगने लगती है किन्तु सूर्य अपना प्रकाश नहीं खोता पलभर के बबण्डर मे लोग भ्रमित न हों सूर्य का प्रकाश स्थाई है। सत्य यही है कि कल मैने ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा बस।
— Sadhvi Pragya Official (@SadhviPragya_MP) November 28, 2019
रक्षा मंत्रालय की कमिटी से दिखाया गया बाहर का रास्ता
वहीं गुरुवार को सांसद साध्वी को रक्षा मंत्रालय की कमिटी से हटा दिया गया है। साथ ही भाजपा संसदीय दल की बैठक में आने पर भी रोक लगा दी गई है। भाजपा के कार्यकारी अधियक्ष जेपी नड्डा ने कहा, 'उनका लोकसभा में कल दिया गया बयान निंदनीय है। भाजपा इस तरह के बयान या विचारधारा का समर्थन नहीं करती है। हमने फैसला लिया है कि उन्हें रक्षा सलाहकार समिति से हटाया जाएगा और वह इस सत्र के दौरान पार्टी की संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगी।'बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में बुधवार को नाथूराम गोडसे को 'देशभक्त' करार दिया था। उनके इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया था। उनके इस बयान पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पलटवार करते हुए कहा था कि मोदी जी और अमित शाह जी को इसके बारे में सोचना चाहिए और ऐसा फैसला लेना चाहिए जो राष्ट्र के हित में हो।
