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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Rules of MP Claims Tribunal issued: In case of death of the party in the midst of proceedings, recovery will be done by selling his property.

MP क्लेम ट्रिब्यूनल के नियम जारी: कार्यवाही के बीच दंगाई की मौत होने पर उसकी संपत्ति बेच कर होगी वसूली

Sun, 01 May 2022 10:01 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sun, 01 May 2022 10:01 AM IST
सार

मध्य प्रदेश सरकार ने खरगोन हिंसा के बाद स्थापित क्लेम ट्रिब्यूनल के कामकाज और क्षेत्राधिकार को लेकर सार्वजनिक और निजी संपत्ति वसूली कानून के नियमों को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत कार्यवाही के किसी भी चरण में पक्षकार (दंगाई) की मौत होने पर उसकी संपत्ति बेच कर वसूली होगी।

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Rules of MP Claims Tribunal issued: In case of death of the party in the midst of proceedings, recovery will be done by selling his property.
वल्लभ भवन- भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश सरकार ने खरगोन हिंसा के बाद स्थापित क्लेम ट्रिब्यूनल के कामकाज और क्षेत्राधिकार को लेकर सार्वजनिक और निजी संपत्ति वसूली कानून के नियमों को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत कार्यवाही के किसी भी चरण में पक्षकार (दंगाई) की मौत होने पर उसकी संपत्ति बेच कर वसूली होगी।
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मध्य प्रदेश सरकार ने लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान की वसूली कानून के तहत क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन कर लिया है। रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज डॉ. शिवकुमार मिश्रा को अध्यक्ष और रिटायर्ड सचिव प्रभात पाराशर को सदस्य नियुक्त किया है। खरगोन में रामनवमी जुलूस पर हुए पथराव और आगजनी की घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट संदेश दिया था कि जिन्होंने नुकसान पहुंचाया है, उनसे ही भरपाई करवाई जाएगी। शनिवार को गृहविभाग ने मध्य प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली कानून के तहत नियमों अधिसूचना जारी कर दी। इन नियमों में महत्वपूर्ण यह है कि क्लेम ट्रिब्यूनल की कार्यवाही में पक्षकार की मौत होने पर भी क्लेम का दावा समाप्त नहीं होगा और उसकी संपत्ति बेचकर वसूली की जाएगी।
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नियमों के अनुसार क्लेम ट्रिब्यूनल के कामकाज की भाषा हिंदी होगी। ट्रिब्यूनल कैमरे के सामने भी सुनवाई का निर्णय ले सकता है।
 
नियम के अनुसार सरकार तीन अधिकारियों का एक पैनल भेजेगी, जिसमें से ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष क्लेम कमिश्नर नियुक्त कर सकते हैं। क्लेम ट्रिब्यूनल के अवॉर्ड, आदेश के खिलाफ कोई भी व्यक्ति 90 दिन के अंदर उच्च न्यायालय में अपील प्रस्तुत कर सकेगा।
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बता दें सरकार ने प्रदर्शन और दंगों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों से नुकसान की वसूली के लिए लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान की वसूली कानून बनाया है। इसे दिसंबर 2021 में मध्य प्रदेश विधानसभा में पारित किया गया था।
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