व्यापमं घोटाले में आया संघ नेताओं का नाम
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मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) भर्ती घोटाले में अब आरएसएस के पूर्व सरसंघ चालक के. सुदर्शन और प्रमुख संघ नेता सुरेश सोनी का नाम सामने आया है।
सूत्रों के मुताबिक सुदर्शन के सेवादार मिहिर ने पूछताछ में बताया है कि फूड इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति के लिए सुदर्शन ने उसके नाम की सिफारिश तत्कालीन उच्च शिक्षामंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा से की थी।
पूरे व्यापमं घोटाले की जांच कर रहे विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने अब तक संघ नेताओं के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एसटीएफ के लोग मिहिर कुमार के बयान की पुष्टि करने को भी तैयार नहीं हैं।
लक्ष्मीकांत शर्मा गिरफ्तार
लेकिन पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी ने मिहिर कुमार के बारे में जानकारी एसटीएफ को दी थी। त्रिवेदी ने कहा था कि मिहिर कुमार के बारे में लक्ष्मीकांत शर्मा ने उन्हें फोन कर कहा था कि वह सोनीजी का खास आदमी है।
गुरुवार को इसी मामले में लक्ष्मीकांत शर्मा को एक बार फिर गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले लक्ष्मीकांत शर्मा को संविदा शिक्षकों की भर्तियों में हुए घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक मिहिर कुमार ने बयान दिया है कि वह सुदर्शन का सेवादार था और उसने सुदर्शन से आग्रह किया था कि उसे परीक्षा में पास कराने के लिए सिफारिश कर दें।
गरमाई राजनीति
सुदर्शन नेलक्ष्मीकांत शर्मा को सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि मिहिर उस परीक्षा में पास हो जाए। जब लक्ष्मीकांत ने सुदर्शन को आश्वस्त कर दिया तब मिहिर को सुदर्शन ने ही उसे कहा था कि वह केवल उन प्रश्नों के उत्तर दे, जो उसे अच्छी तरह आते हों। जो नहीं आते हों, उन्हें छोड़ दे।
जब 18 अक्टूबर 2012 को नतीजा आया तो मिहिर का नाम मेरिट लिस्ट में सातवें नंबर पर था।
राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा पहले से ही रही है कि आरएसएस के नेताओं के नाम इस घोटाले में आ रहे हैं। अब सुदर्शन और सुरेश सोनी के नाम सामने आने के बाद पूरी राजनीति गर्मा रही है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने हाल ही में इशारा किया था कि संघ के कई शीर्ष नेताओं के नाम घोटाले में आ रहे हैं।
सीएम हाउस पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा के आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि मुख्यमंत्री निवास के किसी भी नंबर का जिक्र कॉल डिटेल्स की सूची में शामिल नहीं है।
लेकिन सूत्रों का कहन है कि पूरे घोटाले के मुख्य आरोपी पंकज त्रिवेदी और नितिन महिंद्रा ने पहले ही कहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री निवास के किसी प्राइवेट नंबर से कॉल आया करते थे।
इन दोनों आरोपियों ने राजभवन से आने वाली सिफारिशों का भी जिक्र किया है। केके मिश्रा ने भी यही आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों की भूमिका संदेहास्पद रही है।
