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Ratlam: फोरलेन निर्माण में बाधा बन रहे पहलवान बाबा की दरगाह को हटाया, अतिक्रमण कर बनी दुकानों पर भी चली जेसीबी

Wed, 27 Nov 2024 09:10 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 27 Nov 2024 09:10 PM IST
सार

जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक 4.12 किमी लंबे फोरलेन का काम चल रहा है। फोरलेन निर्माण में पहलवान बाबा की दरगाह का कुछ हिस्सा आ रहा था।   जिसे बुधवार को जेसीबी की मदद से हटा दिया। 

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Ratlam: Pahelwan Baba's dargah which was creating hindrance in four lane construction was removed
रतलाम में दरगाह हटाई गई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक 4.15 किलोमीटर फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। फोरलेन मार्ग निर्माण में बाधा बन रही पहलवान बाबा की दरगाह के हिस्से को प्रशासन बुधवार को जेसीबी की मदद से हटा दिया। मौके से मलबा हटाने के बाद कर्मचारियों ने बाबा की मजार के आसपास साफ सफाई कर फूल चढ़ाए। 
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जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक 4.12 किमी लंबे फोरलेन का काम चल रहा है। फोरलेन निर्माण में पहलवान बाबा की दरगाह का कुछ हिस्सा आ रहा था।  इसे हटाने को लेकर विवाद के हालात बने तो प्रशासन ने दरगाह कमेटी के लोगों के साथ बैठक कर मामले का हल निकाला। जिसमे कमेटी के लोगों ने भी सहमति दी। सहमति बनाने के बाद 9 नवंबर की शाम प्रशासन ने दरगाह के कुछ हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की। जो 12 नवंबर तक जारी रही इस दौरान दरगाह व पास के बने मंदिर के हिस्से को हटाने की कार्रवाई जारी रही। इसी दौरान दरगाह कमेटी 13 नवम्बर को कोर्ट से स्टे आई जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई रोकना पड़ी। 
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14 नवंबर को सरकारी वकील ने स्टे ऑर्डर को निरस्त करने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। कोर्ट ने वादी पक्ष को सूचना-पत्र जारी कर 20 नवंबर की तारीख दी। जिसके बाद सरकारी वकील के निवेदन पर कोर्ट ने 25 तारीख दी। 25 नवंबर को कोर्ट में सरकारी वकील समरथ पाटीदार ने स्टे ऑर्डर खारिज करने की मांग की। जिसके बाद दरगाह कमेटी के वकील निषाद काजी ने शासन के स्टे निरस्ती आवेदन के जवाब के लिए समय मांगा। कोर्ट ने अगली तारीख 26 नवंबर की। 26 नवंबर को कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई को सही मानते हुए स्टे ऑर्डर को खारिज कर दिया। जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा दरगाह के हिस्से और आसपास के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। 
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तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद दरगाह के बाकी हिस्से और आसपास के क्षेत्र में फैले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। पहले मुस्लिम समाज के साथ हुई बैठक में उनकी सहमति से एक हिस्सा छोड़ा जा रहा था, लेकिन वे लोग कोर्ट चले गए थे। 13 नवंबर को कोर्ट ने एकपक्षीय फैसला दिया 13 नवंबर को तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड रतलाम अतुल श्रीवास्तव की कोर्ट में प्रशासन की ओर से पक्ष रखने के लिए कोई नहीं पहुंचा तो कोर्ट ने एकपक्षीय फैसला दे दिया था। इसमें कोर्ट ने यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया था। 26 नवंबर को कोर्ट ने स्टे ऑर्डर निरस्त किया। मंगलवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद 13 नवंबर को दिया स्टे आदेश निरस्त कर दिया। इसके बाद बुधवार सुबह प्रशासन और पुलिस अमला दरगाह पहुंचा और बाकी हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
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