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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Economic Offenses Cell raids the house of Municipal Corporation Accountant

Ratlam News: नगर निगम लेखापाल के घर पर EOW की दबिश,चार करोड़ की चल-अचल संपत्ति मिली

Mon, 27 Jan 2025 04:02 PM IST
रतलाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम Published by: रतलाम ब्यूरो Updated Mon, 27 Jan 2025 04:02 PM IST
सार

रतलाम नगर निगम के लेखापाल के निवास पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इंदौर की टीम ने तड़के 4 बजे रेड की है। इंदौर डीएसपी पवन सिंघल के नेतृत्व में टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। अभी तक चार करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता लगा है।

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Economic Offenses Cell raids the house of Municipal Corporation Accountant
लेखापाल के घर के बाहर खड़ी टीम

विस्तार

रतलाम नगर निगम के लेखापाल के यहां इंदौर EOW ने कार्रवाई की है। ये कार्रवाई उनके ग्लोबस कॉलोनी और धार स्थित रिंगनोद गांव के पैतृक निवास पर की गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इंदौर की टीम ने सोमवार तड़के 4 बजे रतलाम नगर निगम के लेखापाल विकास सोलंकी की जगहों पर छापा डाला। इंदौर डीएसपी पवन सिंघल के नेतृत्व में टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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रतलाम नगर निगम के लेखापाल विकास सोलंकी के ग्लोबस कॉलोनी स्थित मकान तथा धार जिले के रिंगनोद गांव स्थित पैतृक निवास पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इंदौर की टीम ने तड़के 4 बजे डीएसपी पवन सिंघल के नेतृत्व में छापा मारा। आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में EOW की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 40 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले विकास सोलंकी के पास लगभग 4 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है। EOW के एसपी यादव ने बताया कि सोलंकी की 28 साल की नौकरी में कुल वैध आय लगभग 50 लाख रुपए होनी चाहिए लेकिन उनके पास इससे कई गुना अधिक संपत्ति मिली है।
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लेखापाल विकास सोलंकी की पत्नी प्रीति डेहरिया जिला पंचायत में अकाउंट ऑफिसर के पद पर हैं। उनके पिता नंदकिशोर सोलंकी आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक हैं। जांच में सोलंकी के स्वामित्व में तीन मकान, चार गाड़ियां, तीन बसें और एक निर्माणाधीन पेट्रोल पंप की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा इंदौर में दो प्लॉट भी उनके नाम पर हैं।
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गौरतलब है कि 7 महीने पहले उज्जैन लोकायुक्त ने लेखापाल विकास सोलंकी समेत 36 आरोपियों के खिलाफ राजीव गांधी सिविक सेंटर के प्लॉट्स बेचने के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। सोलंकी सहित अन्य आरोपियों पर सिविक सेंटर की करोड़ों की जमीन को कम दामों में बेचने का आरोप था। केस दर्ज होने के बाद सोलंकी को नगर निगम में कमिश्नर पद से निलंबित कर दिया गया था। विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई के बाद उनका निलंबन खत्म करके उन्हें अकाउंट ऑफिस बनाया गया था।
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