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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Rare Protest: roads of the villages of Dewas district not built for decades, then flowers are laid on the way, drums also played

विरोध ऐसा भी: देवास जिले के गांवों की दशकों से नहीं बनी सड़कें तो राह में बिछाए फूल, ढोल भी बजाया

Sat, 09 Oct 2021 07:18 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 09 Oct 2021 07:18 PM IST
सार

मप्र के देवास जिले की खस्ताहाल सड़कों के चलते ही क्षेत्र में भाजपा हारी व कांग्रेस जीती थी, लेकिन अब कांग्रेस विधायक भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
 

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Rare Protest: roads of the villages of Dewas district not  built for decades, then flowers are laid on the way, drums also played
देवास जिले में सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनूठे तरीके से किया गया विरोध प्रदर्शन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

आमतौर पर यह होता है कि किसी नए निर्माण कार्य के पूरे होने पर अथवा नई सड़क बनने पर जनप्रतिनिधि फीता काटकर उद्घाटन करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के देवास जिले में कुछ ऐसा हुआ है जिसमें खस्ताहाल सड़क को लेकर विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने फीता काटा। इतना ही नहीं सड़क पर फूल बिछाए और ढोल बजाकर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई।

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दरअसल शनिवार को यूथ कांग्रेस ने अनूठे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। देवास जिले की हाटपीपल्या विधानसभा के ग्राम जलोदिया, चुरलाय व खोकरिया की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कई दशक बीत गए, लेकिन रोड नहीं बनी। बारिश में तो घुटनों तक कीचड़ हो जाता है और ट्रैक्टर के सिवाय दूसरे साधन नहीं चल पाते। हजारों लोग इससे परेशान हैं, लेकिन न जनप्रतिनिधियों ने सुध ली और न ही अधिकारियों ने। इसके चलते शनिवार को यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जितेंद्रसिंह गौड़ उक्त सड़क पर पहुंचे और पूरी सड़क पर फूल बिछाए। ढोल बजाकर जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताई। गांव के वरिष्ठजनों को बुलाकर गड्ढों वाली सड़क पर फीता कटवाया ताकि जिम्मेदारों को शर्म आए और सड़क का काम शुरू हो जाए।
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बच्चों और बीमार-बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गौड़ का कहना है कि उक्त सड़क को लेकर जब भी अधिकारियों से बात की जाती है तो कहते हैं कि टेंडर हो गए हैं, लेकिन काम शुरू नहीं होता। सालों से यही बात कही जा रही है। जब टेंडर हो गए हैं तो काम क्यों नहीं शुरू कर रहे? हजारों ग्रामीण परेशान हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। बीमार बुजुर्ग को अस्पताल जाने में परेशानी होती है।
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सड़कों के कारण चुनाव हारे थे पूर्व मंत्री जोशी
हाटपीपल्या विधानसभा से मनोज चौधरी विधायक हैं। चौधरी 2018 में कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे। पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता दीपक जोशी को उन्होंने चुनाव हराया था। जोशी की हार के पीछे भी हाटपीपल्या विधानसभा की सड़कों की भूमिका रही थी,  क्योंकि वादों के बाद भी वे सड़कें नहीं बनवा सके थे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद चौधरी भी कांग्रेस छोड़ भाजपा में चले गए। 2019 में उपचुनाव हुआ और उन्होंने कहा कि जो काम नहीं हुए हैं वे पूरे करवाएंगे, लेकिन सड़कों की हालत नहीं सुधरी।





मैंने करवाई स्वीकृत, अगले साल बनेगी सड़क: विधायक चौधरी
विधायक मनोज चौधरी ने कहा, 'इस सड़क की बरसों से मांग की जा रही थी। मैंने विधायक रहते हुए इस सड़क को स्वीकृत करवाया है। अभी टेंडर नहीं हुए हैं। इसी साल सड़क स्वीकृत हुई है। कोरोना के कारण काम नहीं शुरू हो सका। अगले साल काम शुरू हो जाएगा। मैंने भोपाल में पूरी ताकत लगाकर काम स्वीकृत करवाया है ताकि गांव वालों को परेशानी न हो। सात-आठ सड़कें और भी स्वीकृत करवाई हैं।'

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