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Rajgarh News: जमीन नामांतरण के नाम पर RI, पटवारी और बाबू ने ली रिश्वत, चार महीने बीतने के बाद भी नहीं किया काम
Sat, 03 Jun 2023 01:27 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sat, 03 Jun 2023 01:27 PM IST
सार
पीड़ित ने बताया कि उसने मामले की लिखित शिकायत राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित से की है, जिसके बाद आरआई ने रिश्वत में लिए 14 हज़ार में से केवल आठ हज़ार रुपये ही वापस किए हैं, वहीं RI, बाबू व पटवारी अपने ऊपर लगे रिश्वत के आरोप को खारिज कर रहे हैं।
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पीड़ित नारायण वर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में शासकीय कार्यालयों में पैसे के लेनदेन और ग्रामीणों को परेशान करने के मामले लगातार आ रहे हैं। पूर्व में भी शासकीय कर्मचारियों पर कई आरोप लगाए जा चुके हैं। ऐसा ही एक ताज़ा मामला राजगढ़ जिले कि खिलचीपुर तहसील का है, जहां कुंडिबे गांव में निवास करने वाले ग्रामीण नारायण वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि लगभग चार माह पूर्व उसकी 24 आरा ज़मीन के नामांतरण के लिए कुंडिबे गांव के पटवारी जितेंद्र मेवाड़े ने उससे 20 हज़ार रुपये रिश्वत की मांग की थी और मकान का पट्टा देने के लिए तहसील के बाबू अशोक जानिवाल ने चार हज़ार और आरआई जगदीश पटेल ने 14 हज़ार रुपये की मांग की थी, जो कि पीड़ित के द्वारा पूरा भी किया गया था, लेकिन उसका आज तक कोई काम नहीं हुआ और वह अपनी रकम वापस लेने के लिए दफ़्तरों के चक्कर लगा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उसने मामले की लिखित शिकायत राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित से की है, जिसके बाद आरआई ने रिश्वत में लिए 14 हज़ार में से केवल आठ हज़ार रुपये ही वापस किए हैं, जिसका वीडियो भी पीड़ित ने उपलब्ध करवाया है, वहीं तहसील कार्यालय के आरआई, बाबू व पटवारी अपने-अपने ऊपर लगे रिश्वत के आरोप को सिरे से खारिज होते हुए नज़र आ रहे हैं। मामले में एसडीएम अंकिता जैन कहना है कि हाल ही में मामला मेरे संज्ञान में आया है, मैं मामले की जांच करवा रही हूं, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित ने बताया कि उसने मामले की लिखित शिकायत राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित से की है, जिसके बाद आरआई ने रिश्वत में लिए 14 हज़ार में से केवल आठ हज़ार रुपये ही वापस किए हैं, जिसका वीडियो भी पीड़ित ने उपलब्ध करवाया है, वहीं तहसील कार्यालय के आरआई, बाबू व पटवारी अपने-अपने ऊपर लगे रिश्वत के आरोप को सिरे से खारिज होते हुए नज़र आ रहे हैं। मामले में एसडीएम अंकिता जैन कहना है कि हाल ही में मामला मेरे संज्ञान में आया है, मैं मामले की जांच करवा रही हूं, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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