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राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस: आदिवासियों को हक नहीं मिल रहा, इलाज देने में भी सरकार फेल; मुआवजा तक नहीं मिला
Thu, 01 Oct 2026 04:52 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 01 Oct 2026 04:52 PM IST
सार
राहुल गांधी बालाघाट दौरा : बालाघाट के बैहर क्षेत्र में राहुल गांधी ने बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर बच्चों की मौत पर चिंता जताई। उन्होंने बीमारी और कुपोषण से हुई मौतों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को सरकार की जिम्मेदारी से जोड़ा। राहुल ने वन अधिकार, मनरेगा, मुआवजा और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाने की बात कही।
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बालाघाट में मीडिया से बात करते राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में सियासत गर्म है। गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के जगला गांव पहुंचे और वहां बैगा आदिवासियों से मुलाकात की। यहां वे एक घंटे रुके। इस दौरान वे उन बच्चों के परिवारों से भी मिले, जिनकी बीमारी के चलते मौत हुई थी। राहुल से मिलने के लिए आसपास के गांवों के डेढ़ हजार लोग पहुंचे थे।
सरकार जिम्मेदारी पूरी करे
परिवार से मिलने के बाद राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें कई बड़ी बातें कही। आइए जानते हैं राहुल गांधी ने क्या कुछ कहा। राहुल गांधी ने सबसे पहले कहा कि यहां बहुत सारे बच्चों की मौत हुई है। कुपोषण और बीमारी के कारण मौत हुई है। इसका समय पर इलाज न मिलना सरकार का फेलियर है। सरकार ने कोई सपोर्ट नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि आधे से ज्यादा लोगों को मुआवजा तक नहीं दिया गया। मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी करे। आदिवासी परिवारों को उनका वन अधिकार पट्टा मिलना चाहिए। मनरेगा के तहत उन्हें रोजगार और बच्चों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सरकार कहती है कि 24 घंटे विकास हो रहा है, लेकिन 24 घंटे भ्रष्टाचार हो रहा है। लेकिन जब हमारे आदिवासी भाइयों को मदद की जरूरत है, तब उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है।
ये भी पढ़ें- Rahul Gandhi in Balaghat Live: बैगा बच्चों के परिजनों से बात कर रहे राहुल गांधी; बोले- लोकसभा में उठेगा मुद्दा
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हमारी सरकार आने दीजिए, हम करेंगे मदद
राहुल गांधी ने कहा कि एक और बात है। अगर किसी महिला को एक सरकारी योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलती है, तो लाड़ली बहना योजना का पैसा काट लिया जाता है। अगर सरकार दो योजनाएं चला रही है, तो लोगों को दोनों योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। हमारी सरकार आने पर आदिवासी समुदाय की हरसंभव मदद की जाएगी। वन अधिकार कानून के तहत उन्हें उनका अधिकार दिलाया जाएगा और शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हम उन्हें वनवासी नहीं, बल्कि आदिवासी कहते हैं। वे इस देश के मूल निवासी हैं। इसलिए उन्हें देश में उनका उचित स्थान, अधिकार और शिक्षा मिलनी चाहिए।
मुआवजा तक नहीं मिला
नेता प्रतिपक्ष राहुल ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे आदिवासियों को भारत के बीचों-बीच अकेला छोड़ दिया गया हो, मानो उनके लिए न तो केंद्र सरकार है और न ही मध्य प्रदेश सरकार। मनरेगा ठप है, वन अधिकार कानून लागू नहीं हो रहा और आदिवासियों को जमीन के पट्टे नहीं मिल रहे हैं। बच्चों की मौत के बावजूद पीड़ित परिवारों को पूरा मुआवजा तक नहीं मिला है। आधे लोग अब भी इससे वंचित हैं।
उन्हें उनका हक दीजिए
राहुल गांधी बोले मैं विपक्ष की तरफ से, कांग्रेस पार्टी की ओर से कहना चाहता हूं कि आप अपना काम कीजिए। शिक्षा दीजिए, अस्पताल दीजिए, इनका जो हक वो दीजिए। हमने तो उनसे कहा है कि जैसे ही हमारे सरकार आएगी, हम इनकी मदद करेंगे। हम बिल लाएंगे। हम इनकी शिक्षा में विश्वास करते हैं। हम इन्हें वनवासी नहीं कहते हैं। हम इन्हें आदिवासी कहते हैं। शिक्षा मिलना चाहिए, स्वास्थ्य सेवा मिलना चाहिए, इन्हें इनका हक मिलना चाहिए। लोकसभा में मामला उठाऊंगा। सिर्फ इनका नहीं, पूरे देश के आदिवासियों का मुद्दा उठाऊंगा।
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सरकार जिम्मेदारी पूरी करे
परिवार से मिलने के बाद राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें कई बड़ी बातें कही। आइए जानते हैं राहुल गांधी ने क्या कुछ कहा। राहुल गांधी ने सबसे पहले कहा कि यहां बहुत सारे बच्चों की मौत हुई है। कुपोषण और बीमारी के कारण मौत हुई है। इसका समय पर इलाज न मिलना सरकार का फेलियर है। सरकार ने कोई सपोर्ट नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि आधे से ज्यादा लोगों को मुआवजा तक नहीं दिया गया। मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी करे। आदिवासी परिवारों को उनका वन अधिकार पट्टा मिलना चाहिए। मनरेगा के तहत उन्हें रोजगार और बच्चों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सरकार कहती है कि 24 घंटे विकास हो रहा है, लेकिन 24 घंटे भ्रष्टाचार हो रहा है। लेकिन जब हमारे आदिवासी भाइयों को मदद की जरूरत है, तब उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है।
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हमारी सरकार आने दीजिए, हम करेंगे मदद
राहुल गांधी ने कहा कि एक और बात है। अगर किसी महिला को एक सरकारी योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलती है, तो लाड़ली बहना योजना का पैसा काट लिया जाता है। अगर सरकार दो योजनाएं चला रही है, तो लोगों को दोनों योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। हमारी सरकार आने पर आदिवासी समुदाय की हरसंभव मदद की जाएगी। वन अधिकार कानून के तहत उन्हें उनका अधिकार दिलाया जाएगा और शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हम उन्हें वनवासी नहीं, बल्कि आदिवासी कहते हैं। वे इस देश के मूल निवासी हैं। इसलिए उन्हें देश में उनका उचित स्थान, अधिकार और शिक्षा मिलनी चाहिए।
मुआवजा तक नहीं मिला
नेता प्रतिपक्ष राहुल ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे आदिवासियों को भारत के बीचों-बीच अकेला छोड़ दिया गया हो, मानो उनके लिए न तो केंद्र सरकार है और न ही मध्य प्रदेश सरकार। मनरेगा ठप है, वन अधिकार कानून लागू नहीं हो रहा और आदिवासियों को जमीन के पट्टे नहीं मिल रहे हैं। बच्चों की मौत के बावजूद पीड़ित परिवारों को पूरा मुआवजा तक नहीं मिला है। आधे लोग अब भी इससे वंचित हैं।
उन्हें उनका हक दीजिए
राहुल गांधी बोले मैं विपक्ष की तरफ से, कांग्रेस पार्टी की ओर से कहना चाहता हूं कि आप अपना काम कीजिए। शिक्षा दीजिए, अस्पताल दीजिए, इनका जो हक वो दीजिए। हमने तो उनसे कहा है कि जैसे ही हमारे सरकार आएगी, हम इनकी मदद करेंगे। हम बिल लाएंगे। हम इनकी शिक्षा में विश्वास करते हैं। हम इन्हें वनवासी नहीं कहते हैं। हम इन्हें आदिवासी कहते हैं। शिक्षा मिलना चाहिए, स्वास्थ्य सेवा मिलना चाहिए, इन्हें इनका हक मिलना चाहिए। लोकसभा में मामला उठाऊंगा। सिर्फ इनका नहीं, पूरे देश के आदिवासियों का मुद्दा उठाऊंगा।
