Policemen killed in Guna: वीडी शर्मा का दिग्गी पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप, दिग्विजय सिंह का जवाब जांच कराएं
मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस और शिकारियों के मुठभेड़ में तीन पुलिस कर्मी शहीद हो गए। इस घटना पर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस के शिवराज सरकार में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने के बाद अब बीजेपी ने भी पलटवार कर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के आरोपियों से संबंध होने और उनको संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वहीं, इस पर दिग्विजय सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, जांच करवाएं।
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मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस और शिकारियों के मुठभेड़ में तीन पुलिस कर्मी शहीद हो गए। इस घटना पर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस के शिवराज सरकार में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने के बाद अब बीजेपी ने भी पलटवार कर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के आरोपियों से संबंध होने और उनको संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वहीं, इस पर दिग्विजय सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, जांच करवाएं।
प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह इस बात का जवाब दें कि इन दुर्दांत अपराधियों के साथ उनका क्या संबंध है? शर्मा ने कहा राघौगढ़ किले से लगे बुधौलिया गांव के लोग किसके संरक्षण में किले से जुड़े है। इतनी बड़ी संख्या में हथियार पाया जाना। ऐसे दुर्दांत अपराधी पुलिस पर गोलियां बरसाते हैं। इतने हथियार कहां से आए, किसके संरक्षण में आए। शर्मा ने कहा कि स्थानीय लोगों का ऐसा मानना है कि राघोगढ़ किले से जुड़े लोग जिनकी आदत इस प्रकार की आज से नहीं लगातार करते आए हैं। इनको हमेशा इस प्रकार का संरक्षण मिला है। शर्मा ने कहा कि इस की जांच होनी चाहिए कि दिग्विजय सिंह का आरोपियों से क्या संबंध है। जांच एजेंसियों को भी संबंध में जांच करनी चाहिए।
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि मैं सहमत हूं, केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। सरकार जांच करवाएं और जो भी दोषी है उन्हें जघन्य अपराध करने के लिए सख्त से सख्त सजा दें। सिंह ने कहा कि मेरी पूरी सहानुभूमि उन तीन निर्दोष कर्तव्य निष्ट पुलिस कर्मियों के परिवार के साथ है, जिन्होंने शहादत दी है।
इससे पहले घटना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। साथ ही नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने घटना पर कहा कि यह शिवराज नहीं गुंडाराज का प्रमाण है। उन्होंने गृहमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी पुलिस से जांच कर अपराधिकयों को कड़ी से कड़ी सजा देने को कहा।
बता दें शनिवार तड़के गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र के जगल में पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें तीन पुलिस कर्मी शहीद हो गए और एक ड्राइवर घायल हो गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना के बाद अपने निवास पर गृह विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक बुलाई। जिसके बाद ग्वालियर जोन के आईजी को घटनास्थल पर घटना के बाद देरी से पहुंचने पर हटा दिया गया। वहीं, ग्वालियर जोन का नया आईजी डी श्रीनिवास वर्मा को बनाया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना पर कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो इतिहास बनेगी। अपराधी किसी भी कीमत पर बचेंगे नहीं, कार्यवाही उदाहरण बनेगी। इस घटना में शहादत देने वाले हमारे तीनों पुलिस कर्मी राजकुमार जाटव, धीरज भार्गव और सिपाही संतराम की शहादत व्यर्थ नहीं जाने दी जाएगी। इन्होंने अपनी कर्तव्य की बल बेदी पर अपने आप को न्यौछावर किया है। वो शिकारियों को रोकने खड़े थे। ये कल्पना नहीं थी कि अचानक ऐसे गोली चलेगी, लेकिन उन्होंने शहादत दी हैं और उन्होंने भी गोली चलाई। इसलिए मैं उनकी शहादत को सलाम करता हूं, शहीद का दर्जा देंगे और एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि उनके परिवार को दी जाएगी। परिवार के एक-एक सदस्य को शासकीय सेवा में लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के पास एक शव मिला है। अपराधियों की पहचान हो गई है।
