जहरीली शराब मौत: उज्जैन एसपी और एएसपी हटाए गए, दो आरक्षक गिरफ्तार, तीन शराब तस्करों पर रासुका
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उज्जैन में जहरीली शराब के सेवन से कुछ दिन पहले हुई 12 लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गृह विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नकली शराब बेचने में शराब तस्करों की कथित रूप से मदद करने के आरोप में दो पुलिस कांस्टेबल, एक डॉक्टर एवं मेडिकल स्टोर के एक कर्मचारी को गिरफ्तार करने के बाद उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को रविवार को वहां से हटा दिया गया है।
इसके अलावा, तीन शराब तस्करों यूनुस, गब्बर और सिकंदर पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया गया है और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गृह विभाग द्वारा आदेश जारी कर उज्जैन पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर सत्येन्द्र कुमार शुक्ला पुलिस अधीक्षक शहडोल को पुलिस अधीक्षक उज्जैन पदस्थ किया गया है। मनोज कुमार सिंह की पदस्थापना सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल की गई है।
उज्जैन की घटना को लेकर मुख्यमंत्री चौहान द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में गृह विभाग द्वारा आदेश जारी कर उज्जैन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश कुमार द्विवेदी को भी तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया गया है। मुख्यमंत्री निर्देश के बाद उज्जैन के उप पुलिस अधीक्षक रजनीश कश्यप को अपने क्षेत्राधिकार में पदीय कर्त्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन काल में कश्यप का दफ्तर पुलिस मुख्यालय भोपाल रहेगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने उज्जैन में 14 एवं 15 अक्तूबर को जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले को गंभीरता से लेते हुए रविवार को भोपाल में अपने निवास पर आहूत बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए थे। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) के निलंबन के निर्देश भी दिए हैं। चौहान ने उज्जैन के समस्त जिम्मेदार पुलिस अमले को भी हटाने के निर्देश दिए।
उज्जैन में हुई घटना को मुख्यमंत्री चौहान ने बेहद गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया है। चौहान ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उज्जैन के खाराकुआं थाना के प्रभारी और अन्य अमले को पूर्व में ही घटना में लापरवाही का दोषी मानते हुए निलंबित किया जा चुका है। चौहान ने इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान चला कर प्रदेश स्तर पर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में हुई घटना की जांच के लिए गए अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा से की गई कार्रवाई का विवरण प्राप्त किया। चौहान ने कहा कि इस तरह अवैध रूप से नशीली वस्तुओं का विक्रय और व्यापार हर स्थिति में रोका जाए।
उज्जैन जिले के पुलिस अधीक्षक के पद से हटाए जाने से पहले मनोज सिंह ने बताया कि ‘इस मामले में नकली शराब बेचने में शराब तस्करों की कथित रूप से मदद करने के आरोप में खाराकुआं पुलिस थाने में पदस्थ दो आरक्षकों शेख अनवर और नवाज शरीफ को गिरफ्तार किया है।’ उन्होंने कहा कि दोनों पर शनिवार को आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है।
सिंह ने कहा कि इसके अलावा, डॉक्टर जुनैद और गोल्डन मेडिकल स्टोर के इरशाद को भी शराब तस्करों को स्पिरिट उपलब्ध कराने और उनके जहरीले शराब कारोबार में मदद करने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में शराब तस्कर यूनुस, गब्बर और सिकंदर को भी गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जा रही है। सिंह ने कहा कि शहर में अवैध रूप से बनाए गए सिकंदर और गब्बर के मकानों को भी ध्वस्त कर दिया गया है। दोनों उज्जैन नगर निगम में संविदा कर्मी के रूप में काम करते थे।
सिंह ने बताया कि इस मामले में उज्जैन जिले के सहायक आबकारी आयुक्त केसी अग्निहोत्री का तबादला ग्वालियर कर दिया गया है और नगर निगम उपायुक्त सुबोध जैन निलंबित कर दिए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जैन कथित तौर पर सिकंदर और गब्बर के करीबी थे। सिंह ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जहरीली शराब पीने से कुल 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि, शुरुआत में माना जा रहा था कि जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हुई।
उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच चल रही है और इस तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उज्जैन में जहरीली शराब के सेवन से 14 एवं 15 अक्तूबर को 12 लोगों की मौत हो गई थी।
