नर्मदा तट पर सजेगा दरबार: ओंकारेश्वर में 15 अक्तूबर से गूंजेगी रामकथा, मुरारी बापू के आगमन की तैयारियां पूरी
मध्य प्रदेश की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के तट पर स्थित अभय घाट पर 15 अक्तूबर से प्रसिद्ध कथाकार मुरारी बापू रामकथा और आध्यात्मिक प्रवचन करेंगे। आयोजन को लेकर विशाल मंडप सहित श्रद्धालुओं के बैठने, सुरक्षा और यातायात की व्यवस्थाएं की गई हैं।
विस्तार
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित अभय घाट इन दिनों धार्मिक आयोजन के लिए भव्य रूप से सजकर तैयार हो गया है। यहां प्रसिद्ध कथाकार मुरारी बापू 15 अक्तूबर से श्रद्धालुओं के बीच रामायण और भगवान श्रीराम के जीवन-दर्शन से जुड़े विचार एवं आध्यात्मिक संदेश प्रस्तुत करेंगे। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
नर्मदा तट पर विशाल मंडप और श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति की ओर से पानी, बिजली और स्वच्छता सहित आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का दावा किया गया है। वहीं, श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
तीर्थयात्रा के साथ कथा का आयोजन
बताया जा रहा है कि मुरारी बापू के भक्तों का एक बड़ा समूह विशेष ट्रेन से तीर्थयात्रा पर निकला है। यात्रा के दौरान विभिन्न तीर्थस्थलों पर एक दिवसीय कथा-प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में ओंकारेश्वर में भी मां नर्मदा के तट पर श्रद्धालुओं को मुरारी बापू के प्रवचन सुनने का अवसर मिलेगा।
ओंकारेश्वर क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं में मुरारी बापू के प्रवचनों को लेकर विशेष उत्सुकता दिखाई दे रही है। बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं के भी कथा स्थल पर पहुंचने की संभावना है।
पूर्व में नौका पर हुई थी सात दिवसीय कथा
मुरारी बापू का ओंकारेश्वर से पहले का आध्यात्मिक जुड़ाव भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का विषय है। इससे पहले उन्होंने नर्मदा तट पर नागर घाट के समीप नौका में बैठकर सात दिवसीय कथा की थी। उस समय कथा का अलग ही आध्यात्मिक वातावरण बना था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे थे।
ये भी पढ़ें- बांसवाड़ा की छात्रा हत्याकांड में बड़ा खुलासा: एमपी के रतलाम में मिला शव; प्रयागराज से गिरफ्तार हुआ विकास यादव
जिस क्षेत्र में उस समय कथा का आयोजन हुआ था, उसी नागर घाट का अब भव्य स्वरूप विकसित हो चुका है। वर्तमान में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां नर्मदा में स्नान कर धार्मिक लाभ प्राप्त करते हैं। नर्मदा तट पर एक बार फिर मुरारी बापू के आगमन और रामकथा के आयोजन से ओंकारेश्वर का धार्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय होने की उम्मीद है। प्रशासन, आयोजन समिति और स्थानीय व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा इस आयोजन की प्रमुख प्राथमिकता रहेगी।
