शिवराज सरकार के बजट में कोई नया कर नहीं
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मध्य प्रदेश के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने वर्ष 2014-15 के लिए 117040.99 करोड़ रुपए के व्यय का बजट पेश किया है। इसमें सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया है। बल्कि बिजली से चलने वाले कृषि यंत्रों पर टैक्स माफ कर दिया है।
राज्य के बाहर से आने वाले सरिया पर प्रवेश कर 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया है। सरकार ने डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस पर वैट में कोई कटौती नहीं की है।
पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट कम नहीं करने के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सिर पर काले पट्टे बांधकर प्रदर्शन किया। सदन में भी कांग्रेस विधायक काली पट्टियां बांधकर आए थे।
विकास दर 11 फीसदी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है, "राज्य सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया, यह सरकार की बड़ी उपलब्धि है।" साथ ही उन्होंने कृषि को अलनीनो के प्रभाव से बचाने के लिए सरकार ने वरिष्ठ मंत्रियों की एक बैठक बुलाई है।
वित्तमंत्री ने बजट प्रस्तावों में कहा, "राज्य की कृषि विकास दर 25 फीसदी रही है। कृषि बजट 22,413 करोड़ रुपए का है, जो कुल बजट का 19.15 फीसदी है। सरकार ने किसानों को गेहूं पर 50 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया है।"
बजट को मैक्रोइकानामिक नजरिए से देखें तो राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति अच्छी है। अर्थशास्त्री आरएस तिवारी का कहना है, "राजकोषीय घाटा 3 फीसदी की सीमा में है। विकास दर अच्छी है। कृषि विकास दर 25 फीसदी के करीब है। लेकिन बजट में भविष्य की दिशा दिखाई नहीं दे रही। यदि इसी साल अल नीनो के असर से कृषि पर बुरा प्रभाव पड़ा तो विकास दर एक झटके में नीचे चली जाएगी।"
कांग्रेस ने बजट पर उठाए सवाल
बजट में ग्रामीण विकास के लिए वर्ष 2014-15 में 11,102 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। इंदिरा आवास योजना के लिए 800 करोड़ और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के लिए 60 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
प्राथमिक शिक्षा के लिए 11,922 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 3,124 करोड़ रुपए ज्यादा है।
कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे का कहना है, "प्रावधान से यह पता नहीं लगता कि शिक्षा की गुणवत्ता में कोई सुधार आ रहा है। माध्यमिक शालाओं के लिए सरकार ने 5296 करोड़ का प्रावधान किया है।"
सिंचाई को लेकर विशेष ध्यान
कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है, "जब देश में यूपीए की सरकार थी, राज्य सरकार गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) का विरोध कर रही थी। अब इसी सरकार ने हां कर दी है।"
प्रस्तावित बजट में सड़कों के लिए 5646 करोड़ रुपए और विद्युत क्षेत्र के लिए कुल 7,985 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2014-15 में कुल 72 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सिंचाई से संबंधित कार्यों के लिए 5714 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
क्या हैं कर प्रस्ताव?
- बिजली चालित थ्रेशर, लेवलर, पोटेटो प्लांटर, कल्टीवेटर, पॉवर टिलर, स्प्रेयर आदि को कर मुक्त किया।
- तेंदूपत्ता के परिवहन पर 25 फीसदी वैट को कर मुक्त किया।
- इंडस्ट्रियल थर्मल इंसुलेटकर, कंप्यूटर स्कैनर, एक्सरे फिल्म, मक्खन, सेरामिक व विट्रीफाइड टाइल्स पर वैट की दर 13 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी की।
- प्रदेश में बनने वाले चार पहिया या उससे अधिक पहिया वाहनों के प्रदेश के बाहर विक्रय पर केंद्रीय विक्रय कर की दर 2 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी की गई।
- तांबा, पीतल, कांसे और एलुमिनियम की शीट आदि पर दी गई रियायतों का जारी रखा गया।
- भारी मालवाहक वाहनों पर मार्च 2015 तक प्रवेश कर से छूट दी गई।
- प्रदेश के बाहर से लाए जाने वाले सरिए पर प्रवेश कर 5 से घटाकर 2 फीसदी किया।
