एमपीः विधवा पेंशन में एक कप चाय पीना भी मुश्किल
- विधवाओं को 150 रुपये पेंशन दे रही सरकार
- 40 साल से कम उम्र की महिलाओं को पेंशन
- केन्द्र सरकार की स्कीम में भी कोई राहत नहीं
- आरटीआई के तहत मिली जानकारी
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महिलाओं के उत्थान और उनके सम्मान के लिए मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार बढ़चढ़कर दावे करती है, लेकिन उन दावों की हकीकत इससे जुदा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार विधवाओं को जो पेंशन देती है उसमें रोजाना एक कप चाय पीना भी संभव नहीं है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार एक आरटीआई में मांगी गई सूचना में इस बात का खुलासा हुआ है कि विधवा महिलाओं को सरकार की ओर से जो पेंशन दी जा रही है वो मात्र 150 रुपये प्रतिमाह यानी पांच रुपये रोजाना है। ऐसे में पांच रुपये रोजाना में तो वर्तमान में एक कप चाय पीना भी मुश्किल है।
सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रशेखर गौर ने आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी थी। वह कहते हैं कि सरकार जिनती पेंशन युवा विधवाओं को दे रही है उतने में तो उनके लिए रोज एक चाय पीना भी संभव नहीं है।
केन्द्र सरकार से भी नहीं मिलती खास मदद
ऐसे में सरकार की ओर से दी जाने वाली इस मदद का महिलाओं के लिए कोई खास महत्व ही नहीं है। गौर के अनुसार यह पेंशन इतनी कम है कि इसकी राशि को दोगुना भी कर दिया जाए तो भी कोई खास फर्क पड़ने वाला नहीं है।
असल में मध्यप्रदेश सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए प्रतिमाह 150 रुपये पेंशन की व्यवस्था की है। दिक्कत ये है कि केन्द्र सरकार की ओर से भी 40 साल से कम उम्र विधवाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
जबकि 40 पार महिलाओं के लिए केन्द्र सरकार की ओर से इंदिरा गांधी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 300 रुपये पेंशन दी जाती है।
