कोरोना: अधिकारी ने संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होने से किया इनकार, लेनी पड़ी प्रशासन की मदद
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मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की उपसंचालक डॉक्टर रूबी खान को भी कोरोना संक्रमण हो गया है। शुरुआत में उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने से बचने के लिए काफी ना-नुकुर की, लेकिन बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
संक्रमण का पता लगने के बाद भी डॉ. रूबी अस्पताल जाने के बजाय भोपाल में नौकरशाहों के प्रशिक्षण के लिए बनी प्रशासन अकादमी के अतिथि गृह में रुकी रहीं। बाद में अकादमी के अधिकारियों ने भोपाल जिला कलेक्टर की मदद से डॉ. रूबी को अस्पताल में भर्ती कराया। अकादमी ने सोमवार को जिला प्रशासन को पत्र लिखकर रूबी को अतिथि गृह से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराने का आग्रह किया था।
अन्य अधिकारी भी पाए गए कोरोना पॉजिटिव
डॉ. रूबी को सोमवार को चिरायु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। डॉक्टर रूबी के अलावा स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल के साथ ही कई बड़े अधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक डॉ. रूबी को अकादमी के अतिथि गृह में प्रमुख सचिव गोविल के मौखिक आदेश पर रुकने की अनुमति दी गई थी।
संयुक्त कलेक्टर राजेश गुप्ता ने कहा कि वह सोमवार को चिरायु अस्पताल में भर्ती हुईं, तब उन्होंने अकादमी के गेस्ट हाउस में अपना सामान पैक करने के लिए समय मांगा। वह सामान पैक करने गेस्ट हाउस पहुंचीं और आने से इनकार कर दिया। इसके बाद हमें पत्र मिला और पत्र मिलने के दो घंटे के भीतर उन्हें वहां से अस्पताल भेज दिया गया।
'अकादमी गेस्ट हाउस का हो रहा अनाधिकृत उपयोग'
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को लेकर किए अपने ट्वीट में दावा किया कि कुछ सिविल सेवकों द्वारा पृथकता केंद्र के उद्देश्य से बनाए गए अकादमी गेस्ट हाउस का अनाधिकृत उपयोग किया जा रहा है।
दुबे ने कहा कि कुछ अधिकारी अकादमी में स्वयं-पृथकता के लिए दी गई सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं, इस प्रकार वह वहां काम करने वाले कर्मचारियों की जान के लिए खतरा पैदा कर रहे है। सरकार ने अकादमी के गेस्ट हाउस और उसके छात्रावास को पृथकता केंद्र सुविधा के रूप में घोषित नहीं किया है।
