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MP News: अवैध कॉलोनियों को वैध करने के नियम बने, प्रदेश की 6 हजार कॉलोनियों के रहवासियों को होगा लाभ
Mon, 27 Dec 2021 07:35 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 27 Dec 2021 07:35 PM IST
सार
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनियों को वैध बनाने के नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। जल्द ही इसका प्रकाशन होगा। इन नियमों का लाभ प्रदेश की 6 हजार अवैध कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों को होगा।
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मध्यप्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह
- फोटो : Twitter@
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विस्तार
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के शहरी इलाकों में अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण के लिए नियम बना लिए हैं। जल्द ही इसका प्रकाशन किया जायेगा। इससे प्रदेश की लगभग 6 हजार कॉलोनियों को नियमित करने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भवन निर्माण की अनुमति मिलने के साथ ही बैंक लोन की सुविधा भी मिल सकेगी।
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि नगरीय निकायों में 31 अगस्त से 27 दिसम्बर तक कम्पाउंडिंग के 5,320 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4,264 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इससे नगरीय निकायों को 54 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इंदौर नगर निगम ने सबसे अधिक 1,975 प्रकरण स्वीकृत किए हैं। इससे निगम को 41 करोड़ 89 लाख रुपये की आय हुई है। मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए इंदौर नगर निगम को बधाई दी और कहा कि अन्य निकायों को भी इसका अनुकरण करना चाहिए। बिल्डिंग परमिशन के बिना या परमिशन का उल्लंघन कर बनाए निर्माणों को रेगुलर करने के लिए 28 फरवरी 2022 तक आवेदन कर सकते हैं। इसमें 20 प्रतिशत राशि की छूट दी जा रही है।
नियमित करने के लिए नियमों में किए बदलाव
मंत्री ने बताया कि नागरिकों के हित में किए गए विशेष प्रयासों से राज्य शासन ने 10 अगस्त, 2021 को कॉलोनियों के नियमितीकरण के संबंध में नगरपालिका अधिनियम में आवश्यक संशोधन किया था। इसमें कॉलोनियों के नियमितीकरण के वैधानिक प्रावधान शामिल किए गए। साथ ही बिना बिल्डिंग परमिशन के अथवा बिल्डिंग परमिशन के प्रतिकूल बिल्डिंग बनाने पर कम्पाउंडिंग सीमा को 10 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है।
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भूपेंद्र सिंह ने बताया कि नगरीय निकायों में 31 अगस्त से 27 दिसम्बर तक कम्पाउंडिंग के 5,320 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4,264 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इससे नगरीय निकायों को 54 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इंदौर नगर निगम ने सबसे अधिक 1,975 प्रकरण स्वीकृत किए हैं। इससे निगम को 41 करोड़ 89 लाख रुपये की आय हुई है। मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए इंदौर नगर निगम को बधाई दी और कहा कि अन्य निकायों को भी इसका अनुकरण करना चाहिए। बिल्डिंग परमिशन के बिना या परमिशन का उल्लंघन कर बनाए निर्माणों को रेगुलर करने के लिए 28 फरवरी 2022 तक आवेदन कर सकते हैं। इसमें 20 प्रतिशत राशि की छूट दी जा रही है।
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नियमित करने के लिए नियमों में किए बदलाव
मंत्री ने बताया कि नागरिकों के हित में किए गए विशेष प्रयासों से राज्य शासन ने 10 अगस्त, 2021 को कॉलोनियों के नियमितीकरण के संबंध में नगरपालिका अधिनियम में आवश्यक संशोधन किया था। इसमें कॉलोनियों के नियमितीकरण के वैधानिक प्रावधान शामिल किए गए। साथ ही बिना बिल्डिंग परमिशन के अथवा बिल्डिंग परमिशन के प्रतिकूल बिल्डिंग बनाने पर कम्पाउंडिंग सीमा को 10 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है।
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