फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP News: Laborer's daughter stood fifth in the state in 10th, Nidhi achieved 490 marks with hard work

MP News: 10वीं में प्रदेश में पांचवें स्थान पर रही मजदूर की बेटी, निधि ने मेहनत से हासिल किए 490 अंक

Thu, 25 May 2023 08:15 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 25 May 2023 08:15 PM IST
सार

निधि अहिरवार ने बताया कि उसने रोजाना 3 से 4 घंटे तक पढ़ाई की खुद के सेल्फ नोट्स बनाए। इसके अलावा कहीं कोई दिक्कत जाती थी तो ऑनलाइन भी मदद ले लेती थीं। 

विज्ञापन
MP News: Laborer's daughter stood fifth in the state in 10th, Nidhi achieved 490 marks with hard work
सागर की निधि अहिरवार ने दसवीं में प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश के सागर की निधि अहिरवार को प्रदेश में पांचवां स्थान मिला है। इलेक्ट्रिक बोर्ड और फर्नीचर की दुकान पर काम करने वाले मजदूर की बेटी ने ये कारनामा कर दिखाया है। खुशीपुरा सुभाष नगर में रहने वाली 16 साल की निधि अहिरवार विश्व भारती स्कूल से पढ़ाई कर रही थी। 490 अंक पाने वाली निधि अहिरवार के घर में खुशी का माहौल है। 
विज्ञापन


निधि अहिरवार ने बताया कि उसने रोजाना 3 से 4 घंटे तक पढ़ाई की खुद के सेल्फ नोट्स बनाए। इसके अलावा कहीं कोई दिक्कत जाती थी तो ऑनलाइन भी मदद ले लेती थीं। स्कूल में अभी जो पढ़ाया गया उसका घर आकर रिवीजन किया। निधि अहिरवार का कहना है कि आप केंद्रित होकर रह कर पढ़ाई करें। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन उस पर मैंने ध्यान नहीं दिया क्योंकि पिताजी ने कभी एहसास नहीं होने दिया और मैं केवल पढ़ाई पर ध्यान देती रही। इस वजह से यह सफलता हासिल की है निधि अहिरवार ने गणित में और संस्कृत में सबसे अधिक 99-99 अंक हासिल किए हैं। हिंदी और सामाजिक विज्ञान में 97-97 नंबर मिले हैं वही इंग्लिश में 89 अंक हासिल किए हैं।
विज्ञापन


निधि अहिरवार के पिता का कहना है कि हमें अपनी बेटी पर गर्व है, कभी भी उस पर कोई दबाव नहीं डाला। यह कहते थे कि नंबर पर कभी ध्यान नहीं देना, बस मेहनत से लगन से पढ़ाई करो। जिस समय बेटी का रिजल्ट आया उस समय पिताजी वीरेंद्र अहिरवार दूसरे की दुकान पर काम कर रहे थे। रिजल्ट को सुनकर वे दौड़े-दौड़े अपने बेटी और परिवार वालों से मिलने घर पहुंचे। पूरे परिवार को अपनी बेटी पर गर्व है उसने न केवल जिले का नाम रोशन किया बल्कि प्रदेश में भी पांचवें नंबर पर आई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed