{"_id":"648f0666347bd5687e03cab9","slug":"mp-news-hammal-s-son-will-now-become-a-doctor-in-vidisha-father-even-grazed-goats-to-teach-ayan-2023-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: विदिशा में हम्माल का बेटा बनेगा अब डॉक्टर, पिता ने अयान को पढ़ाने के लिए बकरियां तक चराई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: विदिशा में हम्माल का बेटा बनेगा अब डॉक्टर, पिता ने अयान को पढ़ाने के लिए बकरियां तक चराई
Sun, 18 Jun 2023 06:58 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sun, 18 Jun 2023 06:58 PM IST
सार
विदिशा में हम्माल के बेटे ने वह कमाल कर दिखाया, जो अच्छे घरों के बच्चे तक नहीं कर पाते। उसने पहले ही प्रयास में NEET में सफलता हासिल की है। पिता ने मजदूरी की और बकरियां तक चराई, तब जाकर बेटे को पढ़ाया-लिखाया।
विज्ञापन
विदिशा में हम्माल के बेटे ने पास की नीट परीक्षा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी गांव में हम्माली करने वाले फरहत उल्लाह खान उर्फ कल्लू चाचा के बेटे अयान ने पहली ही कोशिश में NEET में सफलता हासिल की है। उसे 720 में से 611 अंक प्राप्त हुए हैं। अब वह कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहता है।
विज्ञापन
फरहत उल्लाह खान का कहना है कि अयान बचपन से ही पढ़ाई में तेज है। उसने कक्षा 10वीं में 97% और कक्षा 12वीं में 92% अंक हासिल किए थे। भोपाल में पढ़ाई की और पहली बार में ही NEET की परीक्षा में सफलता हासिल की। अयान सात भाई-बहनों में सबसे छोटा है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसके बाद भी उसके पिता ने उसे उसके सपनों में रंग भरने के लिए प्रेरित किया और सभी आवश्यक इंतजाम किए। दिन-रात मेहनत की। बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए बकरियां तक चराई। हम्माली कर एक-एक रुपया जोड़ा और अब अयान डॉक्टर बनने जा रहा है। अयान का एक भाई टेलर है। वहीं, अन्य भाई-बहन भी इतने पढ़े-लिखे नहीं है जितना पढ़ने का अयान ने सपना देखा। फरहत उल्लाह की आंखें भी अयान के बारे में बात करते हुए नम हो गई, जब उन्होंने बताया कि हमें मुख्यमंत्री की योजना से 30 हजार रुपये मिले थे। वह पैसा भी अयान की पढ़ाई पर खर्च कर दिया।
विज्ञापन
पिता के बिना मैं कुछ भी नहीं
अयान ने कहा कि उसके माता-पिता ने उसे काफी सपोर्ट किया है। पिता ने हम्माली की और फीस के लिए मुश्किल से पैसे जुटाए। जब कभी मैं नर्वस हुआ, मेरे पिता मेरे लिए ढाल बनकर खड़े रहे। मुझे हौंसला देते थे। वह कहते थे किसी बात पर तुम ध्यान न दो। सिर्फ पढ़ाई करो। आगे की पढ़ाई के लिए पापा ने ही मुझे भोपाल भेजा। मुझे लटेरी के ही सरकारी स्कूल के जनमेद सर ने भी काफी मदद की। मैं रोजाना छह घंटे पढ़ता था। सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से सफलता जरूर मिलती है।
विज्ञापन
एमबीबीएस के बाद कार्डियो में स्पेशलाइजेशन
अयान का कहना है कि वह एमबीबीएस करने के बाद कार्डियो में स्पेशलाइजेशन करना चाहता है। डॉक्टर बनने के बाद उसकी ख्वाहिश पिताजी की हम्माली छुड़वाना है। उसका कहना है कि उन्होंने हमारे लिए काफी संघर्ष किया है। मैं चाहता हूं कि पापा और पूरा परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध हों और सम्मान के साथ जीवन जीएं।
