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MP News: सतना के टिकुरिया गांव में उल्टी-दस्त से चार दिन में चार की मौत, हैंडपंप का पानी लेने पर लगाई पाबंदी
Mon, 11 Sep 2023 10:26 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 11 Sep 2023 10:26 PM IST
सार
सतना जिले के रामपुर बाघेलान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम टिकुरिया में डायरिया की बढ़ती आशंका के बीच 6 से 10 सितंबर के बीच बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो चुकी है। एहतियात तौर पर ग्रामीणों को हैंडपंप का पानी इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है।
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सतना में उल्टी-दस्त के बीमार बढ़ते ही जा रहे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया गांव में गंदगी, दूषित जल एवं वर्षा जनित बीमारी जानलेवा बन गई हैं। टिकुरिया गांव में उल्टी-दस्त के बढ़ते प्रकोप ने चार दिन में चार लोगों की मौत हो गई। इन मौतों के बाद जिले का स्वास्थ्य अमला हरकत में आया है। गांव में हेल्थ चेकअप शुरू कर दिया गया है और एहतियात तौर पर हैंडपंप का पानी इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, रामपुर बाघेलान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम टिकुरिया में डायरिया की बढ़ती आशंका के बीच 6 से 10 सितंबर के बीच बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में राज कोल पिता रामकरण (10), राजा कोल पिता शम्मी कोल (45), केमला कोल (90) और दुअसिया कोल (8) शामिल हैं।
बताया जाता है कि राजा कोल को 6 सितंबर को उल्टी दस्त के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां से अगले दिन उसे छुट्टी दे दी गई। वह गांव पहुंचा और उसी दिन उसकी मौत हो गई। राज कोल ने अस्पताल पहुंचने के पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि दुअसिया और केमला की भी मौत गांव में ही हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग भी तक इन मौतों को स्वाभाविक बता रहा है। टिकुरिया गांव में हो रही मौतों की खबर से हड़कंप मचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम टिकुरिया पहुंची और लोगों का मेडिकल चेकअप शुरू कर दिया गया।
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रविवार को सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी, बीएमओ डॉ आरके सतनामी, एपिडेमियोलॉजिस्ट प्रदीप गौतम मेडिकल स्टाफ के साथ टिकुरिया पहुंचे। टीम ने यहां सर्वे शुरू कर 6 लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया है। जिला अस्पताल लाए गए लोगों में सतीश कोल, चंदू कोल, अमित कोल, दुर्गा कोल, रागिनी कोल एवं नीरज कोल शामिल हैं। इधर टिकुरिया गांव में लोगों के उल्टी दस्त से पीड़ित होने और चार दिन में चार मौतें हो जाने के बावजूद यहां तैनात एएनएम और आशा कार्यकर्ता इस पूरी स्थिति से बेखबर ही रहीं। उन्होंने न तो ग्रामीणों की सुध ली और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। उन्हें नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि एहतियात तौर पर ग्रामीणों को हैंडपंप का पानी इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। पीएचई के अमले को जल का शुद्धिकरण करने के लिए भी कहा गया है। फिलहाल ग्रामीणों की जरूरत पूरी करने के लिए यहां टैंकर से पानी भेजा जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, रामपुर बाघेलान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम टिकुरिया में डायरिया की बढ़ती आशंका के बीच 6 से 10 सितंबर के बीच बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में राज कोल पिता रामकरण (10), राजा कोल पिता शम्मी कोल (45), केमला कोल (90) और दुअसिया कोल (8) शामिल हैं।
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बताया जाता है कि राजा कोल को 6 सितंबर को उल्टी दस्त के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां से अगले दिन उसे छुट्टी दे दी गई। वह गांव पहुंचा और उसी दिन उसकी मौत हो गई। राज कोल ने अस्पताल पहुंचने के पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि दुअसिया और केमला की भी मौत गांव में ही हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग भी तक इन मौतों को स्वाभाविक बता रहा है। टिकुरिया गांव में हो रही मौतों की खबर से हड़कंप मचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम टिकुरिया पहुंची और लोगों का मेडिकल चेकअप शुरू कर दिया गया।
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रविवार को सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी, बीएमओ डॉ आरके सतनामी, एपिडेमियोलॉजिस्ट प्रदीप गौतम मेडिकल स्टाफ के साथ टिकुरिया पहुंचे। टीम ने यहां सर्वे शुरू कर 6 लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया है। जिला अस्पताल लाए गए लोगों में सतीश कोल, चंदू कोल, अमित कोल, दुर्गा कोल, रागिनी कोल एवं नीरज कोल शामिल हैं। इधर टिकुरिया गांव में लोगों के उल्टी दस्त से पीड़ित होने और चार दिन में चार मौतें हो जाने के बावजूद यहां तैनात एएनएम और आशा कार्यकर्ता इस पूरी स्थिति से बेखबर ही रहीं। उन्होंने न तो ग्रामीणों की सुध ली और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। उन्हें नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि एहतियात तौर पर ग्रामीणों को हैंडपंप का पानी इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। पीएचई के अमले को जल का शुद्धिकरण करने के लिए भी कहा गया है। फिलहाल ग्रामीणों की जरूरत पूरी करने के लिए यहां टैंकर से पानी भेजा जाएगा।
