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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP News: After 24 years, the dacoit who kidnapped Phoolan Devi was arrested from Chitrakoot, was smuggling in the guise of a sage

MP News: फूलनदेवी का अपहरण करने वाला डकैत 24 साल बाद चित्रकूट से गिरफ्तार, साधू के भेष में काट रहा था फरारी

Mon, 27 Jun 2022 09:47 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Mon, 27 Jun 2022 09:47 AM IST
सार

फूलनदेवी का अपहरण करने वाले 50 हजार के इनामी डकैत को यूपी की औरैया पुलिस ने 24 साल बाद गिरफ्तार कर लिया। डकैत साधू के भेष में फरारी काट रहा था।

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MP News: After 24 years, the dacoit who kidnapped Phoolan Devi was arrested from Chitrakoot, was smuggling in the guise of a sage
फूलनदेवी का अपहरण करने वाला डकैत गिरफ्तार। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फूलनदेवी का अपहरण करने वाले 50 हजार के इनामी डकैत को यूपी की औरैया पुलिस ने 24 साल बाद गिरफ्तार कर लिया। डकैत साधू के भेष में फरारी काट रहा था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए डाकू को गिरफ्तार किया। आरोपी करीब 24 साल से फरार चल रहा था, उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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जानकारी के अनुसार औरैया जनपद की पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी छेदा सिंह उर्फ छिद्दा निवासी भासौन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ 2015 में 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। उसके पास से बृजमोहन दास पुत्र राम बालक दास के नाम का फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और राशन कार्ड भी बरामद हुआ है। गिरफ्तारी के बाद उसने बताया कि वह लालाराम गैंग का सक्रिय सदस्य था। इस गैंग के साथ में मिलकर उसने फिरौती के लिए दर्जनों अपहरण और लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। इस बीच 1998 में उसने अयाना क्षेत्र के जसवंतपुर गांव के 4 लोगों का अपहरण किया था। इसमें से कुछ लोगों को फिरौती के बाद छोड़ा गया। इस दौरान एक अपहर्ता को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान छुड़वाया था और छिद्दा इसी मुकदमे में फरार चल रहा था।
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24 मुकदमे हैं दर्ज 
आरोपी ने पकड़े जाने के बाद में बताया कि उसका गैंग धीरे-धीरे समाप्त होने लगा था। इसके चलते वह पिछले 15-20 सालों से अपना नाम और पता बदलकर चित्रकूट में साधू बनकर रह रहा था। उसके आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वह औरैया, जालौन, भिण्ड, कानपुर देहात में वर्ष 1997 से 2000 के बीच दर्ज 24 मुकदमों में फरार था। इनामी को पकड़ने वाली टीम को उचित धनराशि प्रदान कर पुरस्कृत किया जाएगा। 
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