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MP News: दमोह में 157 शान से खड़ी है पत्थरों से बनी इमारत, अब पुरातत्व विभाग करेगा रखरखाव
Tue, 28 Mar 2023 02:49 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 28 Mar 2023 02:49 PM IST
सार
दमोह में 157 साल पुरानी पत्थरों की इस इमारत में दमोह का जिला न्यायालय लगता है। इसे रखरखाव के लिए अब पुरातत्व विभाग को सौंपने की तैयारी चल रही है।
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दमोह का जिला न्यायालय
- फोटो : अमर
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विस्तार
दमोह जिले में वैसे तो अनेक प्राचीन भव्य इमारतें हैं, लेकिन जिला न्यायालय की इमारत अपनी विशेष बनावट के लिए जानी जाती है। गजेटियर के अनुसार इस भवन का निर्माण अंग्रेजों ने 1866 में कराया था। इसकी खास विशेषता यह है कि इसका निर्माण बलुआ पत्थरों से किया गया है। यही कारण है कि निर्माण के 157 साल बीतने के बावजूद भी यह भवन आज भी शान के साथ जस का तस खड़ा है। पहली बार इस भवन को देखने वाले लोग इसकी बनावट देखकर दंग रह जाते हैं क्योंकि पूरी इमारत पत्थरों से बनी है।
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जिला न्यायालय की इस इमारत को आगामी समय में पुरातत्व विभाग के संरक्षण में सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। इस भवन के पास नया न्यायालय भवन तैयार हो गया है। कुछ माह बाद जिला न्यायालय का काम-काज नए भवन में संचालित होगा। इतिहासकार विनोद श्रीवास्तव ने बताया कि जिला न्यायालय के भवन निर्माण में बेल, गोंद एवं चूने को पीसकर मसाला तैयार किया जाता था। इसी प्रकार का मसाला खजुराहो के मंदिरों में भी उपयोग किया गया है। गर्मी के दिनों में इस भवन के अंदर इतनी ठंडक रहती है की कूलर भी चलाने की जरूरत नहीं पड़ती।
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