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MP Panchayat Chunav : नरोत्तम के निशाने पर कमलनाथ, बोले- OBC को गले लगाकर पीठ में छुरा घोंपते हैं
Wed, 11 May 2022 12:25 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 11 May 2022 12:25 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर सियासत तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के बिना ओबीसी आरक्षण चुनाव कराने के फैसले पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ पर निशाना साधा और कहा कि वे पिछड़ों की बात करते हैं और गले लगाकर छुरा पीठ में घोंप देते हैं।
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नरोत्तम मिश्रा मीडिया से बातचीत करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के पंचायत चुनावों पर आए फैसले से मध्य प्रदेश में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। आरोप-प्रत्यारोप भी नई शब्दावली गढ़ रहे हैं। प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछड़ों की बात करती है। गले लगाती है और फिर पीठ छुरा घोंप देती है।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार ने चुनाव की घोषणा कर दी थी। प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। कांग्रेस के बड़े-बड़े वकील और कार्यकर्ता विवेक तन्खा, सैयद जाफर, जया ठाकुर चुनाव से भागे और अदालत पहुंच गए। अब निर्णय आया तो दोषी कौन हुआ? बीजेपी पर आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा। पिछड़ा वर्ग के लोग सब जानते हैं। मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने ओबीसी से उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान तीन-तीन मुख्यमंत्री दिए। विक्रम वर्मा से लेकर शेजवार तक अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता प्रतिपक्ष दिए। कांग्रेस ने एक भी नहीं दिया। यह बात पिछड़ों की करते हैं और गले लगाकर पीठ में छुरा घोंप देते है। मिश्रा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब सुभाष यादव मुख्यमंत्री बनने वाले थे, तब उनके साथ धोखा किया। अब अरुण यादव को हटाकर कमलनाथ प्रदेश अध्यक्ष बन गए। उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट तक नहीं दिया।
बता दें मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने के लिए 15 दिन में अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार के ट्रिपल टेस्ट को अधूरा मानकर खारिज कर बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराने को कहा है। इस पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों के ही नेता एक-दूसरे को आरक्षण खत्म होने के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
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सदन में गलत जानकारी देने का आरोप
मिश्रा ने आरोप लगाया कि वर्तमान नेता प्रतिपक्ष (गोविंद सिंह) ने विधानसभा में गलत जानकारी दी कि प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी है। फिर कोर्ट गए और स्टे ले लिया, लेकिन पैरवी नहीं की। मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ सरकार के समय ही पंचायत चुनाव का कार्यकाल पूरा हुआ तो फिर उन्होंने चुनाव क्यों नहीं कराए? इसका जवाब उनके पास नहीं है। हम सरकार में है तो थोड़े ही दोषी हो जाएंगे। हमने जो किया सबके सामने है। हम आज भी संकल्पित है कि चुनाव आरक्षण के साथ होना चाहिए। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि चुनाव से क्यों भागे?
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गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार ने चुनाव की घोषणा कर दी थी। प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। कांग्रेस के बड़े-बड़े वकील और कार्यकर्ता विवेक तन्खा, सैयद जाफर, जया ठाकुर चुनाव से भागे और अदालत पहुंच गए। अब निर्णय आया तो दोषी कौन हुआ? बीजेपी पर आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा। पिछड़ा वर्ग के लोग सब जानते हैं। मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने ओबीसी से उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान तीन-तीन मुख्यमंत्री दिए। विक्रम वर्मा से लेकर शेजवार तक अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता प्रतिपक्ष दिए। कांग्रेस ने एक भी नहीं दिया। यह बात पिछड़ों की करते हैं और गले लगाकर पीठ में छुरा घोंप देते है। मिश्रा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब सुभाष यादव मुख्यमंत्री बनने वाले थे, तब उनके साथ धोखा किया। अब अरुण यादव को हटाकर कमलनाथ प्रदेश अध्यक्ष बन गए। उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट तक नहीं दिया।
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बता दें मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने के लिए 15 दिन में अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार के ट्रिपल टेस्ट को अधूरा मानकर खारिज कर बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराने को कहा है। इस पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों के ही नेता एक-दूसरे को आरक्षण खत्म होने के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
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सदन में गलत जानकारी देने का आरोप
मिश्रा ने आरोप लगाया कि वर्तमान नेता प्रतिपक्ष (गोविंद सिंह) ने विधानसभा में गलत जानकारी दी कि प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी है। फिर कोर्ट गए और स्टे ले लिया, लेकिन पैरवी नहीं की। मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ सरकार के समय ही पंचायत चुनाव का कार्यकाल पूरा हुआ तो फिर उन्होंने चुनाव क्यों नहीं कराए? इसका जवाब उनके पास नहीं है। हम सरकार में है तो थोड़े ही दोषी हो जाएंगे। हमने जो किया सबके सामने है। हम आज भी संकल्पित है कि चुनाव आरक्षण के साथ होना चाहिए। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि चुनाव से क्यों भागे?
