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मप्र में महंगी होगी बिजली: हाईकोर्ट का बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर हस्तक्षेप से इनकार, कहा- पॉलिसी मैटर में हस्तक्षेप नहीं कर सकते

Thu, 06 Jan 2022 04:15 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 06 Jan 2022 04:15 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि पॉलिसी मैटर में हम हस्तक्षेप नहीं कर सकते। 

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MP High court rejects plea to stop govt from raising electricity tariff, says- can not interfere with the policy decisions of the govt
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में बिजली दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव पर हस्तक्षेप से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि यह पॉलिसी मैटर है। इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। इस आधार पर याचिका खारिज कर दी गई है।   
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ और जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव की बेंच ने कहा कि पॉलिसी मैटर में हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। दरअसल, मध्य प्रदेश ट्रांसमिशन कंपनी ने घरेलू बिजली की दरों में 10% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। इस पर मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में सुनवाई होनी है। आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। नई दरें अप्रैल 2022 से लागू होनी है। 
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नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव ने याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि लोग इस समय कोविड-19 के संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह लोगों को संकट से उबरने में मदद करें। केंद्र सरकार के आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत कोविड-19 को अधिसूचित आपदा घोषित किया गया है। इस समय कोरोनावायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से फैल रहा है। लाखों परिवार अब भी पहली और दूसरी लहर के दौरान लागू किए गए लॉकडाउन से उबरे नहीं है और आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं।  
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याचिका में कहा गया है कि सरकार अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करते हुए विद्युत अधिनियम की धारा 108 का इस्तेमाल करें। इस संबंध में उन्होंने राज्य सरकार के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था, जिस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। बेंच ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। 
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