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MP High Court: परिवहन इंस्पेक्टर के तबादले पर रोक, कोर्ट ने आयुक्त सहित अन्य को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
Sat, 28 May 2022 08:49 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 28 May 2022 08:49 PM IST
सार
बुरहानपुर शाहपुर-फाटा में पदस्थ परिवहन इंस्पेक्टर केपी अग्निहोत्री की ओर से मामला हाईकोर्ट में दायर किया गया है। इसमें 13 मई 2022 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें आवेदक को बुरहानपुर से क्षेत्रीय उप परिवहन आयुक्त इंदौर कार्यालय में स्थानातंरित किए जाने का आदेश जारी किया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
एमपी हाईकोर्ट की ग्रीष्मकालीन बेंच ने बुरहानपुर शाहपुर-फाटा में पदस्थ परिवहन इंस्पेक्टर के इंदौर किए गए तबादले पर आगामी सुनवाई तक रोक लगा दी है। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने मामले में पीएस परिवहन विभाग, आयुक्त व एडीशन आयुक्त परिवहन विभाग ग्वालियर को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि मामला बुरहानपुर शाहपुर-फाटा में पदस्थ परिवहन इंस्पेक्टर केपी अग्निहोत्री की ओर से दायर किया गया है। इसमें 13 मई 2022 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें आवेदक को बुरहानपुर से क्षेत्रीय उप परिवहन आयुक्त इंदौर कार्यालय में स्थानातंरित किए जाने का आदेश जारी किया गया था। आवेदक का कहना है कि बुरहानपुर में उसका तीन वर्ष का कार्यकाल नहीं हुआ है, इतना ही नहीं उसे दुर्भावनावश फील्ड से हटाया जा रहा है। जिसका जिक्र नोटशीट में भी किया गया है। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त निर्देश दिए।
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बता दें कि मामला बुरहानपुर शाहपुर-फाटा में पदस्थ परिवहन इंस्पेक्टर केपी अग्निहोत्री की ओर से दायर किया गया है। इसमें 13 मई 2022 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें आवेदक को बुरहानपुर से क्षेत्रीय उप परिवहन आयुक्त इंदौर कार्यालय में स्थानातंरित किए जाने का आदेश जारी किया गया था। आवेदक का कहना है कि बुरहानपुर में उसका तीन वर्ष का कार्यकाल नहीं हुआ है, इतना ही नहीं उसे दुर्भावनावश फील्ड से हटाया जा रहा है। जिसका जिक्र नोटशीट में भी किया गया है। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त निर्देश दिए।
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