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मध्य प्रदेश: चित्रकूट में जुड़वा बच्चों की हत्या के दोषियों की सजा पर अंतिम सुनवाई की अपील हाईकोर्ट ने स्वीकारी

Wed, 02 Mar 2022 12:17 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 02 Mar 2022 12:17 PM IST
सार

रीवा जिले के चित्रकूट में साल 2019 में दो जु़ड़वा बच्चों की फिरौती के लिए हत्या करने वाले 5 दोषियों की आजीवन कारावास की सजा को फांसी में बदलने की याचिका को अंतिम सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
 

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MP High Court accepts appeal for final hearing on the punishment of the convicts of murder of twins in Chitrakoot
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रीवा जिले के चित्रकूट में 6 साल के जुड़वा बच्चों की फिरौती के लिए हत्या करने वाले दोषियों की आजीवन कारावास की सजा को फांसी में बदलने की अपील मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। चीफ जस्टिस रवि मलिमथ और जस्टिस डीके पालीवाल की खंडपीठ ने दोहरे हत्याकांड मामले में सरकार सहित सभी 5 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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हाईकोर्ट में बच्चों के पिता बृजेश रावत ने निचली अदालत के फैसले को बदलने के लिए अपील दायर की है। अपीलार्थी ने मामले को विरल से विरलतम श्रेणी का बताया है, इसलिए आरोपियों के लिए आजीवन कारावास की सजा को फांसी में बदलने का मांग की है। 
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 सतना जिला अदालत ने 26 जुलाई 2021 को पांचों दोषियों पदमकांत शुक्ला, राजू द्विवेदी, आलोक सिंह, विक्रमजीत सिंह और अपूर्व यादव को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई थी। एक आरोपी की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई थी। मामले के एक आरोपी पदमकांत शुक्ला ने जमानत आवेदन पेश कर कहा कि उसके पिता की मृत्यु हो गई है। उसने 15 दिन की अस्थाई जमानत देने की मांग की थी, आपत्तिकर्ता की ओर से आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा गया कि आरोपियों ने बहुत ही दुर्दात तरीके से बच्चों की हत्या की है। आरोपियों ने 10 दिन तक बच्चों को कैद में रखकर फिरौती लेकर भी हत्या कर लाश पिंजरे में बंद कर नदी में फेंक दी। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अस्थाई जमानत देने से इनकार कर दिया।
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बता दें 6 साल के जुड़वा भाई श्रेयांश और प्रियांश रीवा के चित्रकूट के तेल व्यापारी ब्रजेश रावत के बेटे थे। 12 फरवरी 2019 को स्कूल परिसर से एक स्कूल बस से छह लोगों ने बच्चों का अपहरण किया और एक करोड़ रुपये फिरौती मांगी थी। वहीं, आरोपियों ने दोनों जुड़वा भाइयों की हत्या करने के बाद 20 लाख रुपये की फिरौती वसूल की थी। फिरौती मिलने के चार दिन बाद दोनों बच्चों के शव उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में यमुना नदी में मिले थे।
 
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