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MP Elections 2023: हिमालय से सीधा चुनावी मैदान में उतरे बाबा शुशील सत्य; रीवा विस सीट से दाखिल किया नामांकन
Mon, 30 Oct 2023 10:43 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 30 Oct 2023 10:43 PM IST
सार
MP Elections 2023: दस वर्ष हिमालय में तपस्या के बाद एक बार फिर चुनावी रण में उतरे सत्य महाराज लड़ेंगे सत्य की लड़ाई। नामांकन दाखिल कर बोले रीवा में विकास की जगह विनाश हुआ है।
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बाबा शुशील सत्य महराज।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
रीवा मध्य प्रदेश में आज नामांकन का आखरी दिन था। ऐसे में सभी दलों के नेताओं ने आज रीवा के कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपना-अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान आज हिमालय की घनी पहाड़ियों के बीच कड़ी तपस्या करने वाले बाबा शुशील सत्य महराज ने अपना नामांकन दाखिल किया। बाबा ने कहा कि मैं सत्य की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरा हूं। रीवा में विकास की जगह सिर्फ और सिर्फ विनाश हुआ है। इसी के खिलाफ हमारी लड़ाई है। यह लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है इसी को लेकर हमने अपना नामांकन दाखिल किया है।
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लोकतंत्र के महापर्व में उतरे संत बोले रीवा में विकास के नाम पर हुआ विनाश
रीवा विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान पर उतरे संत शुशील सत्य महराज ने आज नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के दिन अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान संत सत्य महराज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रीवा में भ्रष्टाचार की मुहीम चलाकर उसे जड़ से समाप्त करना है। रीवा क्षेत्र में बेरोजगारों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। रोजगार के क्षेत्र में आज तक कोई भी कार्य नहीं किए गए। चित्र में अभी व्यवस्थाओं का दौर जारी है। क्षेत्र में विकास की जगह सिर्फ और सिर्फ विनाश हुआ है। यहां पर रोज हत्याएं हो रही हैं। क्षेत्र की जनता डरी और सहमी हुई है।
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10 वर्ष हिमालय में तपस्या फिर शुरू की राजनीति
संत शुशील सत्य महराज ने कहा की उन्होंने 10 वर्ष हिमालय में रहकर तपस्या की है। स्वतंत्र का मतलब ही ईश्वर होता है, मैं ईश्वर और भगवान के चरणों में हूं और भगवान के सब हैं। भगवान के बगैर कोई सत्य नहीं है। अनैतिक कार्यों और यौन उत्पीड़न के मामलों पर संलिप्त संतों के बारे में सत्य महराज ने कहा कि मैं उनकी बात नहीं करता। वेद और शास्त्रों के बारे में जो नहीं जानता है वह हमेशा संदिग्ध कार्यों में सलिप्त रहता है, जो साधु और संत का जीवन जिया है उसे पता है कि संत क्या होता है। मैं अपने लिए 24 कैरेट सत्य हूं, सत्य की बात करूंगा और इसके अलावा कोई बात नहीं करूंगा। अगर यहां की जनता मुझे चुनती है तो हम सत्य का काम करेंगे और सारे काम ईमानदारी से करेंगे।
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2018 के चुनाव में सिक्के लेकर नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे सत्य महराज
बता दें कि सुशील सत्य महराज इससे पहले भी 2018 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्यासी के तौर पर रीवा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान पर उतरे थे। उस दौरान भी इन्होंने अन्य राजनीतिक दलों की मुश्किलें बढ़ा दी थी। वर्ष 2013 में नामांकन दाखिल करने आए सत्य महराज सिक्के लेकर कर कलेक्ट्रेट कर्यालय पहुंचे थे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था, जिसके बाद सिक्के गिनने में अधिकारियों के पसीने छूट गए थे। अब 2023 के इस चुनावी महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिऐ शुशील सत्य महाराज एक बार फिर मैदान पर उतर चुके हैं।
