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सीएम शिवराज का उपवास, मंत्री का कर्जमाफी से इनकार

Sat, 10 Jun 2017 07:33 PM IST
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार Updated Sat, 10 Jun 2017 07:33 PM IST
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mp cm shivraj singh chauhan indefinite fast in support of farmers
- फोटो : Getty

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भले ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ‘‘चतुर बनिया’’ मानते हों मगर किसानों के हिंसक आंदोलन से जूझ रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सोच कुछ अलग है। उन्होंने कहा कि मैं भी इंसान हूं, पत्थर दिल नहीं हूं। मंदसौर की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से अंदर तक हिल गया। कैसे बर्दाश्त करूं। लिहाजा गांधी जी का रास्ता चुना। किसानों से अपील करता हूं कि इस प्रदेश को हिंसा की आग में मत धकेलो। आओ, हम बात करेंगे। यहीं बैठकर सरकार चलाएंगे।

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मध्य प्रदेश में शांति बहाली के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को यहां भेल दशहरा मैदान पर अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया। सुबह लगभग 11 बजे वह अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ दशहरा मैदान पहुंचे। नेहरू जैकेट और कुर्ता पायजामा पहने शिवराज का पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी ने तिलक किया। इसके बाद चौहान ने अपनी पत्नी के साथ जोशी के चरण छूकर उपवास प्रारंभ कर दिया। हालांकि विरोधी दल कांग्रेस ने उनके इस उपक्रम को ‘‘मामा का ड्रामा’’ बताया है। उल्लेखनीय है कि 1 जून से प्रारंभ हुए किसानों के इस आंदोलन का आज आखिरी दिन है।
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उपवास के लिए दशहरा मैदान पर बड़ा पंडाल बनाया गया है। मंच पर राज्य मंत्रिमंडल के अनेक सदस्य भी सीएम के साथ उपवास पर हैं। मंच के पीछे एक कक्ष में चौहान ने आसपास के जिलों से आए किसानों के प्रतिनिधिमंडलों से उनकी समस्याएं सुनीं। इसके पहले अपने भाषण में उन्होंने कहा, जब-जब प्रदेश में किसानों पर संकट आया, मैं सीएम आवास से निकलकर उनके बीच पहुंच गया। हम नया आयोग बनाएंगे जो फसलों की सही लागत तय करेगा। उस लागत के हिसाब से हम किसानों को सही कीमत दिलाएंगे। किसान आग न लगाएं, चर्चा के लिए आएं।
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उन्होंने कहा कि मैं साढ़े 11 साल से सीएम हूं, मैंने सबसे ज्यादा ध्यान किसानों पर दिया। किसान के बिना मध्य प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता। मंदसौर में जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, उससे मैं अंदर तक हिल गया। जो किसान इस दुनिया से चले गए, उन्हें हम वापस नहीं ला सकते। पर मैं और पूरी सरकार किसान के साथ खड़ी है। मेरे रहते पुलिस जनता पर डंडे बरसाए, इससे मुझे पीड़ा होती है। मन में पीड़ा है, इसलिए उपवास पर बैठा हूं। यह गांधीजी का तरीका है। हिंसा से कोई लाभ नहीं होता।

100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें 6 की हालत गंभीर है। 197 प्राइवेट और 127 सरकारी वाहन जला दिए गए। जिस दूध को माथे से लगाते हैं, उसे बहा दिया। सब्जी फेंक दी। इसे कैसे जायज ठहरा सकते हैं। क्या यह सब शिवराज की जेब की संपत्ति है, उन्होंने पूछा। कहा कि मैं भी इंसान हूं, पत्थर दिल नहीं हूं, कैसे बर्दाश्त करूं।


 

mp cm shivraj singh chauhan indefinite fast in support of farmers
GS Bisen

इधर कृषि मंत्री बोले, कर्ज माफी का सवाल ही नहीं
इस बीच शिवराज के सहयोगी और कृषि मंत्री गौरी शंकर बिसेन ने कर्ज माफी के सवाल पर सरकार का नजरिया स्पष्ट कर दिया। बिसेन ने कहा कि किसानों के कर्ज माफ करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, मैं पहले भी इसके पक्ष में नहीं था और अब भी नहीं हूं। कर्ज माफी से बड़े किसानों को लाभ होता है। बिसेन ने कहा कि यह आंदोलन अब किसानों का नहीं रहा। राहुल गांधी यहां क्यों आए थे। क्या उनका जन्म मध्य प्रदेश में हुआ था। अलग बात है कि इस बयान के बाद वह मुख्यमंत्री के साथ उपवास करने बैठ गए।

गौरतलब है कि आंदोलनकारी किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में एक मांग कर्ज माफी की भी है। राज्य के किसानों पर करीब 6 हजार करोड़ का कर्ज है और 2 हजार करोड़ इसका ब्याज बकाया है। ऐसी चर्चा है कि सरकार ब्याज माफी के बारे में कोई रास्ता निकालने पर विचार कर रही है। यद्यपि मुख्यमंत्री चौहान कहते रहे हैं कि मध्य प्रदेश पूरी दुनिया में अकेला राज्य है, जहां किसानों को माइनस 10 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज दिया जा रहा है। यानी एक लाख के बदले सिर्फ 90 हजार लौटाने पड़ते हैं।

यह नौटंकी के सिवा कुछ नहीं, कांग्रेस के कई जगह प्रदर्शन
कांग्रेस ने सीएम के उपवास और दशहरा मैदान से सरकार चलाने के फैसले को महज नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि चौहान को नौटंकी करने के बजाय किसानों की समस्याओं को सुनकर उन्हें दूर करना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि खुद को संवेदनशील मुख्यमंत्री बताने वाले चौहान छह किसानों की मौत के बाद मंदसौर नहीं गए, यहां तक कि बालाघाट में एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में 25 लोगों की मौत के बाद उन्होंने वहां भी जाना मुनासिब नहीं समझा। वे सिर्फ नौटंकी और मुद्दों से भटकाने की कोशिश करते रहे हैं।

उपवास भी इसी का हिस्सा है। कांग्रेस ने भोपाल, इंदौर के अलावा अनेक स्थानों पर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किए और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश की। नरसिंहगढ़ में हाईवे पर जाम लगा दिया और भोपाल में दशहरा मैदान जाने वाली सड़क जाम कर दी। शिवसेना के कुछ लोगों ने भी उपवास स्थल पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उज्जैन में पुतला जलाने की कोशिश कर रहे कांग्रेसी नेता अचानक खुद आग में झुलस गए। यह घटना नरवर इलाके की है। पुलिस ने पुतला छीना तो चिंगारी उड़कर कांग्रेस कार्यकर्ता व पूर्व सरपंच देवेंद्र सिंह पर गिरी। इससे शर्ट ने आग पकड़ ली। मौके पर मौजूद लोगों ने बड़ी मुश्किल से आग बुझाई। उधर मंदसौर में आज सुबह 8 से रात 8 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी गई। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी माहौल शांतिपूर्ण रहा। 

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