MP: नरबलि के इरादे से अपहृत 6 वर्षीय मासूम 22 दिन बाद सकुशल बरामद, चिकनपॉक्स और सूतक बना ढाल; जानें कैसे?
MP: तांत्रिक क्रियाओं और नरबलि के इरादे से अपहृत 6 वर्षीय मासूम बालक को खरगोन पुलिस ने 22 दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया। बालक को चिकनपॉक्स होने और अपहरणकर्ताओं के घर सूतक होने के कारण नरबलि नहीं दी जा सकी, जिससे उसकी जान बच गई।
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खरगोन जिले के सनावद शहर अंतर्गत खंगवाड़ा क्षेत्र से 22 दिन पहले एक 6 वर्षीय बालक का अपहरण कर लिया गया था। जांच में सामने आया कि तंत्र-मंत्र, नरबलि और जमीन में गड़ा धन निकालने जैसी अंधविश्वासी तांत्रिक क्रियाओं के लिए बालक का अपहरण किया गया था। आरोपी उसकी नरबलि देना चाहते थे, लेकिन बालक को बड़ी माता (चेचक/चिकनपॉक्स) हो जाने और अपहरणकर्ताओं के परिवार में मृत्यु होने से सूतक लग जाने के कारण वे अपने मंसूबों को अंजाम नहीं दे सके। इसी कारण बालक की जान बच सकी।
पूरे अभियान का संचालन खरगोन पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में एडिशनल एसपी शकुंतला रुहल और एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के नेतृत्व में किया गया। बड़वाह, सनावद, बेड़ियां, महेश्वर, मंडलेश्वर और बलवाड़ा थानों की संयुक्त पुलिस टीमों ने 22 दिनों तक लगातार सर्च अभियान चलाकर बच्चे को सुरक्षित बरामद किया।
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पुलिस की इस बड़ी सफलता पर बड़वाह विधायक सचिन बिरला स्वयं थाने पहुंचे और एसडीओपी अर्चना रावत को शाल-श्रीफल व पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की खुली छूट देने का ही परिणाम है कि पुलिस इतने दिनों बाद भी बच्चे को सकुशल परिजनों से मिलाने में सफल रही। एसडीओपी अर्चना रावत ने कहा कि यह सम्मान किसी एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस दल की कड़ी मेहनत, टीमवर्क और रणनीतिक कार्ययोजना का परिणाम है।
नगर पत्रकार संघ, जयस संगठन, सर्व आदिवासी समाज सहित कई सामाजिक संगठनों ने पुलिस टीम का अभिनंदन करते हुए इसे बड़वाह क्षेत्र की गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। नगर पालिका बड़वाह द्वारा सोमवार शाम 4 बजे एसडीओपी अर्चना रावत सहित बड़वाह, सनावद और बेड़ियां थाना प्रभारियों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि तांत्रिकों के मायाजाल से मासूम की जान बचाना पुलिस विभाग की असाधारण उपलब्धि है। यह पूरा प्रकरण पुलिस की संवेदनशीलता, साहस और कुशल रणनीति की मिसाल बन गया है।
