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मध्यप्रदेश में धान खरीद में भारी फर्जीवाड़ा

Tue, 23 Oct 2012 05:03 PM IST
भोपाल/इंटरनेट डेस्क
भोपाल/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 23 Oct 2012 05:03 PM IST
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massive irregularities in paddy purchase

मध्यप्रदेश में एक नवंबर से शुरू हो रही धान की सरकारी खरीद में भारी फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। कई ऐसे किसानों ने पंजीयन कराया है, जिन्होंने धान की फसल ही नहीं बोई और कुछ ने पंजीयन में बढ़ चढ़कर रकबा दर्ज कराया है। अब तक सवा सात हजार से ज्यादा बोगस किसानों का पता लगाकर उनके पंजीयन निरस्त किए जा चुके हैं। जबकि बढ़ा-चढ़ाकर रकबा बताने वाले 75 हजार से ज्यादा किसानों के रिकॉर्ड में सुधार किया जा रहा है। फर्जी किसानों के नाम खरीदी केंद्रों पर चिपकाने का फैसला भी किया गया है।

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राज्य में इस बार धान का रकबा बढ़ने के साथ समर्थन मूल्य पर फसल बेचने वालों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। अब तक तीन लाख 82 हजार से ज्यादा किसान पंजीयन करा चुके हैं। पटवारी से हर पंजीयन का सत्यापन कराए जाने से यह फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ रहा है। अब तक तीन लाख 82 हजार से ज्यादा किसान पंजीयन करा चुके हैं। ऐसे प्रकरणों की सर्वाधिक संख्या जबलपुर से सामने आई हैं। इसके बाद दमोह, सिवनी, ब़ड़वानी, खरगोन में भी सत्यापन में गड़बड़ी पाई गई है।
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इन सभी किसानों से अब तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकार स्तर पर स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। साथ ही इनकी सूची तहसील और खरीदी केंद्रों पर लगाई जाएगी ताकि गेहूं की खरीदी के समय कोई इस तरह का कदम उठाने की हिम्मत न जुटा पाए। जिन किसानों के सत्यापन में आंशिक गड़बड़ी पाई गई है उनका रिकॉर्ड सुधारा जा रहा है। इसके बाद ही इनसे 762 केंद्रों में धान की खरीदी की जाएगी।
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खाद्य विभाग ने इस बार भुगतान की सूचना किसानों को एसएमएस के जरिए देने का निर्णय लिया है। उपज बेचने के लिए इस बार एक नहीं बल्कि तीन-तीन एसएमएस दिए जाएंगे। इसकी कवायद 23 तारीख से शुरू हो जाएगी। इसके तहत जैसे ही खरीदी केंद्र किसान के नाम का चेक काटकर बैंक में जमा कराएगा किसान को सूचना मिल जाएगी। इसके अलावा जिन किसानों के पंजीयन निरस्त हुए हैं या फिर रिकॉर्ड में संशोधन किया जा रहा है, इसकी जानकारी भी संबंधित किसान को एसएमएस के जरिए दी जाएगी।

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