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Mandsaur: लैला ने छोड़ा मजनू का साथ, भाइयों ने किया अंतिम संस्कार से इंकार तो समाजसेवियों ने निभाई जिम्मेदारी
Tue, 12 Mar 2024 10:37 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, मंदसौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, मंदसौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 12 Mar 2024 10:37 PM IST
सार
अमित और पिंकी दोनों हमेशा एक दूसरे का हाथ पकड़े शहर की सड़कों पर घूमते मिलते थे और शाम को गांधी चौराहे पर दोनों सेवा बैंक में भोजन करने आते थे। दोनों मानसिक रूप से कमजोर जरूर थे, लेकिन दोनों में अटूट प्रेम था।
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मंदसौर की लैला का अंतिम संस्कार समाजसेवियों ने किया।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मंदसौर शहर की सड़कों पर दिखने वाला लैला मजनू का जोड़ा सोमवार शाम को बिछड़ गया। इसका अंतिम संस्कार समाजसेवी व पार्षद सुनील बंसल ने मंगलवार को विधि विधान से किया।
मंदसौर शहर की सड़कों पर दिखने वाला एक ऐसा जोड़ा जिसे लोग पिंकी लालवानी (लैला) और अमित शर्मा (मजनू) के नाम से जानते थे। जो लंबे समय से एक दूसरे के साथ रह रहे थे। लेकिन सोमवार की शाम पिंकी का निधन हो गया। इसकी सूचना पड़ोसियों ने सुनील बंसल को दी, जिसके बाद सुनील बंसल ने पिंकी के भाइयो को पिंकी के निधन की जानकारी दी और अंतिम संस्कार करने की कहा लेकिन पिंकी के भाइयो ने पिंकी का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद बंसल ने मंगलवार सुबह पिंकी का अंतिम संस्कार करने की बात कही। मंगलवार सुबह सुनील बंसल ने नगरपालिका के हेमंत शर्मा और जाकिर भाई को मामले से अवगत करवाया और शव वाहन और नगरपालिका कर्मी भेजने को कहा।
सुनील बंसल अंतिम संस्कार की सभी सामग्री लेकर कुम्हारवाड़ा में पिंकी और अमित के निवास स्थान पर पहुंचे और वहा से पिंकी को शव वाहन द्वारा मुक्तिधाम ले जाया गया। मुक्तिधाम पर समाजसेवी बंसल ने विधि विधान के साथ पिंकी का अंतिम संस्कार किया। मृतक पिंकी लालवानी मंदसौर के महाजन मोहल्ला जनकूपुरा की निवासी थी, जिसे लोग करिश्मा भी कहते थे। पिंकी ने एलएलबी भी कर रखी थी। परिजन के निधन के बाद पिंकी की मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी और पिंकी के भाइयो ने उसे घर से अलग कर दिया था। इसके बाद पिंकी अमित शर्मा (मजनू) जो कि दिव्यांग है के संपर्क में आई और कई वर्षो से दोनों साथ रह रहे थे। अमित और पिंकी दोनों हमेशा एक दूसरे का हाथ पकड़े शहर की सड़कों पर घूमते मिलते थे और शाम को गांधी चौराहे पर दोनों सेवा बैंक में भोजन करने आते थे। लेकिन कुछ दिनों से पिंकी ने आना बंद कर दिया था। अमित उसका भोजन भी अपने साथ ले जाकर पिंकी को खिलाता था। दोनों मानसिक रूप से कमजोर जरूर थे, लेकिन दोनों में अटूट प्रेम था जिसके कारण दोनों को लोग लैला मजनू के नाम से जानते थे।
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मंदसौर शहर की सड़कों पर दिखने वाला एक ऐसा जोड़ा जिसे लोग पिंकी लालवानी (लैला) और अमित शर्मा (मजनू) के नाम से जानते थे। जो लंबे समय से एक दूसरे के साथ रह रहे थे। लेकिन सोमवार की शाम पिंकी का निधन हो गया। इसकी सूचना पड़ोसियों ने सुनील बंसल को दी, जिसके बाद सुनील बंसल ने पिंकी के भाइयो को पिंकी के निधन की जानकारी दी और अंतिम संस्कार करने की कहा लेकिन पिंकी के भाइयो ने पिंकी का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद बंसल ने मंगलवार सुबह पिंकी का अंतिम संस्कार करने की बात कही। मंगलवार सुबह सुनील बंसल ने नगरपालिका के हेमंत शर्मा और जाकिर भाई को मामले से अवगत करवाया और शव वाहन और नगरपालिका कर्मी भेजने को कहा।
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सुनील बंसल अंतिम संस्कार की सभी सामग्री लेकर कुम्हारवाड़ा में पिंकी और अमित के निवास स्थान पर पहुंचे और वहा से पिंकी को शव वाहन द्वारा मुक्तिधाम ले जाया गया। मुक्तिधाम पर समाजसेवी बंसल ने विधि विधान के साथ पिंकी का अंतिम संस्कार किया। मृतक पिंकी लालवानी मंदसौर के महाजन मोहल्ला जनकूपुरा की निवासी थी, जिसे लोग करिश्मा भी कहते थे। पिंकी ने एलएलबी भी कर रखी थी। परिजन के निधन के बाद पिंकी की मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी और पिंकी के भाइयो ने उसे घर से अलग कर दिया था। इसके बाद पिंकी अमित शर्मा (मजनू) जो कि दिव्यांग है के संपर्क में आई और कई वर्षो से दोनों साथ रह रहे थे। अमित और पिंकी दोनों हमेशा एक दूसरे का हाथ पकड़े शहर की सड़कों पर घूमते मिलते थे और शाम को गांधी चौराहे पर दोनों सेवा बैंक में भोजन करने आते थे। लेकिन कुछ दिनों से पिंकी ने आना बंद कर दिया था। अमित उसका भोजन भी अपने साथ ले जाकर पिंकी को खिलाता था। दोनों मानसिक रूप से कमजोर जरूर थे, लेकिन दोनों में अटूट प्रेम था जिसके कारण दोनों को लोग लैला मजनू के नाम से जानते थे।
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