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हैवानियत: नाबालिग को भगाकर गुजरात ले गया, गर्भवती होने तक करता रहा गंदा काम, अब कोर्ट ने दी उम्रकैद की सजा

Sun, 04 Oct 2026 10:23 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 04 Oct 2026 10:23 PM IST
सार

महिदपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के मामले में आरोपी मनोहरलाल उर्फ लालसिंह को दोषी ठहराया। कोर्ट ने पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई। एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) के तहत आजीवन कारावास और कुल 19 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

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अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक) - फोटो : ANI

विस्तार

नाबालिग से बार-बार गंदा काम कर उसे गर्भवती करने के सनसनीखेज मामले में महिदपुर कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कमलेश सनोडिया की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं, साथ ही 19 हजार रुपये का जुर्माने भी लगाया है। 
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उप निदेशक अभियोजन राजेंद्र खाण्डेगर के अनुसार, 17 जून 2025 को पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी 16 जून को घर से लापता है। उसे कोई बहला-फुसलाकर ले गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी मनोहरलाल उर्फ लालसिंह (28), निवासी ब्राह्मणखेड़ा, थाना महिदपुर रोड, नाबालिग को अपने साथ गुजरात के मोरबी शहर ले गया। वहां एक कंपनी के कमरे में रखकर आरोपी ने जानते हुए कि पीड़िता नाबालिग है और अनुसूचित जाति से है, उसके साथ बार-बार गंदा काम किया, जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पॉक्सो और SC/ST एक्ट की धाराओं में चालान पेश किया। विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गोयल के तर्कों से सहमत होते हुए कोर्ट ने आरोपी को धारा 363 में तीन साल, धारा 366 में पांच साल, 5L/6 पॉक्सो में 20 साल कठोर कारावास, 5(J)/6 पॉक्सो में 20 साल कठोर कारावास, SC/ST एक्ट 3(1)(W) में दो साल, SC/ST एक्ट 3(2)(V) में आजीवन कारावास और कुल 19,000 रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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