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Mahashivratri 2023: देश का एकमात्र शिव मंदिर, यहां सिंदूर से होता है भगवान का अभिषेक, भक्तों का लगा तांता

Sat, 18 Feb 2023 10:10 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 18 Feb 2023 10:10 AM IST
सार

पूरे देश में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि का पर्व कैलाश वासी भगवान शिव के दिव्य अवतरण का मंगल सूचक पर्व है। उनके निराकर से साकार रूप में अवतरण की रात्रि ही महाशिवरात्रि कहलाती है।

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Mahashivratri 2023 The only Shiva temple in the country here God is anointed with vermilion in narmadapuram
सिंदूर से होता है भगवान का अभिषेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश भर में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। नर्मदापुरम जिले की इटारसी तहसील से 18 किमी दूर सतपुड़ा की घनी वादियों के बीच स्थित स्थान, जिसे लोग तिलक सिंदूर के नाम से जानते हैं। यहां शिवजी का प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर दुनिया में अपना अलग स्थान रखता है। यहां शिवलिंग पर जल, दूध आदि तो चढ़ता ही है, इसके साथ ही सिंदूर चढ़ाने की परंपरा है।

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बता दें कि शिवलिंग को सिंदूर का तिलक लगाने से इसका नाम तिलक सिंदूर पड़ गया। पौराणिक मान्यता है कि इस स्थान पर भगवान गणेश ने सिंदूरी नामक राक्षस का बध किया था और उसके सिंदूरी रक्त से भगवान शिव का अभिषेक किया था। तभी से यहां पर भगवान शिव का सिंदूर से अभिषेक किया जाता है।
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फिल्म अभिनेता गोविंदा की मां ने मांगी थी मनोकामना...
यहां शिवजी को सिंदूर चढ़ाने से जो भी मनोकामनाएं की जाती हैं, वह पूर्ण होती हैं। फिल्म अभिनेता गोविंदा की मां ने उनकी सफलता के लिए भी यहां पर मनोकामना की थी। इसी स्थान पर मानसी गंगा में लोगों के द्वारा स्नान कर भगवान की पूजन की जाती है।
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पांच दिवसीय मेले का होता है आयोजन...
महाशिवरात्रि के अवसर पर तिलक सिंदूर में हर साल पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। प्रदेश भर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए यहां आते हैं। कहा जाता है कि पूरे देश में यह एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां भगवान शंकर को सिंदूर चढ़ाया जाता है। इस स्थान का अस्तित्व राजा महाराजाओं के समय से है। प्राचीन समय में आदिवासी राजा द्वारा यहां पर पूजन का कार्य कराया जाता था।

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